देश

नई दिल्ली में केजरीवाल के सामने दो दिग्गज! त्रिकोणीय हुआ मुकाबला, संदीप दीक्षित के बाद प्रवेश वर्मा ने भी कसी कमर

Delhi Assembly Election: अरविंद केजरीवाल के सामने अगर कांग्रेस संदीप दीक्षित व भाजपा प्रवेश वर्मा को टिकट देती है, तो यह सीट काफी हाईप्रोफाइल बन जाएगी। दरअसल, यहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री का मुकाबला दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों से हो सकता है।

Image

अरविंद केजरीवाल के सामने संदीप दीक्षित व प्रवेश वर्मा लड़ सकते हैं चुनाव।

Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान कभी भी हो सकता है। माना जा रहा है कि फरवरी में चुनाव होंगे। ऐसे में आम आदमी पार्टी चुनावी तैयारियों में सबसे आगे दिख रही है। पार्टी ने अभी से लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, उनका मुकाबला आसान नहीं दिख रहा है। इसी सीट से कांग्रेस की ओर से संदीप दीक्षित ने चुनाव लड़ने का दावा किया है, तो भाजपा ने भी अपने पत्ते खोलना शुरू कर दिए हैं। भले ही भाजपा ने अभी कैंडिडेट फाइनल न किए हों, लेकिन भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में प्रवेश वर्मा ने कहा है कि भाजपा आलाकमान ने उन्हें नई दिल्ली से चुनाव लड़ने के लिए तैयारी शुरू करने के लिए कहा है। हालांकि, हमारी सूची जारी होना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने यहां से संदीप दीक्षित को मैदान में उतारने का फैसला किया है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के लिए यह मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

आम नहीं, खास आदमी हैं केजरीवाल- प्रवेश वर्मा

प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल खुद को आम आदमी बताते हैं, वो आम नहीं, बल्कि खास आदमी हैं। वह शीशमहल में रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए कुछ भी नहीं किया है।

कड़ा हुआ मुकाबला

आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल के सामने अगर कांग्रेस संदीप दीक्षित व भाजपा प्रवेश वर्मा को टिकट देती है, तो यह सीट काफी हाईप्रोफाइल बन जाएगी। दरअसल, यहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री का मुकाबला दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों से हो सकता है। दरअसल, प्रवेश वर्मा पश्चिमी दिल्ली से पूर्व सांसद रह चुके हैं और पूर्व मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा के बेटे हैं। इस सीट से कांग्रेस पूर्व सीएम शीला दीक्षिण के बेटे संदीप दीक्षित को मैदान में उतार सकती ळै।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article