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गोवा: मुख्यमंत्री सावंत की बढ़ी मुश्किल, 'वायरल' ऑडियो क्लिप को लेकर एक और विवाद में घिरे कैबिनेट मंत्री

Goa News: गोवा कला अकादमी को लेकर आरोपों से घिरे गोविंद गौडे के खिलाफ हाल ही के दिनों में यह तीसरा मामला सामने आया है, जिसके बाद विपक्ष सीएम सावंत की चुप्पी पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में CM सावंत क्या जवाब देते हैं ये देखनेवाली बात होगी।

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कांग्रेस ने मंत्री गोविंद गौडे के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

Photo : Times Now Digital

Goa News: गोवा विधानसभा अध्यक्ष के संगीन आरोप के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की कैबिनेट में मंत्री गोविंद गौडे एक और विवाद में घिरते नजर आए। ताजा मामला एक वायरल ऑडियो क्लिप का है। दरअसल तकरीबन 4 मिनट के ऑडियो क्लिप में मंत्री गोविंद गौडे को राज्य में जनजातीय कल्याण मंत्री और निदेशक को कथित तौर पर गाली देते और धमकी देते हुए सुना जा सकता है।

4.14 मिनट के ऑडियो क्लिप में, कला और संस्कृति मंत्री गौडे को कथित तौर पर एक एनजीओ को धन देने के लिए अपने ही विभाग के दशरथ रेडकर को गालियां देते हुए सुना जा सकता है, जिसने मंत्री की अनुमति के बिना एक कार्यक्रम आयोजित किया था। उसी ऑडियो क्लिप में गौडे को कथित तौर पर सीएम प्रमोद सावंत और गोवा स्पीकर रमेश तवाडकर पर निशाना साधते हुए भी सुना जा सकता है।

गोविंद गौडे ने आरोपों का किया खंडन

वायरल ऑडियो पर गोवा सरकार में मंत्री गोविंद गौडे ने अपनी सफाई में उन पर लगे आरोपों का खंडन करते हुए झूठा और बेबुनियाद बताया। इतना ही नहीं मंत्री महोदय ने तो ये भी कहा कि ऑडियो क्लिप में आवाज उनकी है ही नहीं। इस बीच गोवा में विपक्ष ने मंत्री गौड़े और सीएम सावंत पर एकजुट होकर हमला बोल दिया है। कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पणजी पुलिस स्टेशन में पुलिस शिकायत दर्ज कराई, जबकि कांग्रेस की आदिवासी विंग के अध्यक्ष रामकृष्ण जालमी ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर की मांग की है।

ऑडियो क्लिप की फोरेंसिंक जांच की मांग

आप गोवा प्रमुख अमित पालेकर ने कहा है कि संबंधित ऑडियो क्लिप की तुरंत फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए। संबंधित मंत्री (गौडे) को अपने विभाग के निदेशक को धमकी देते और गाली देते हुए सुना जा सकता है। हम मंत्री और अधिकारी की आवाज भी पहचान सकते हैं। इस तरह की बेहद धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, राज्य की भाजपा सरकार को तुरंत ऑडियो क्लिप की जांच करनी चाहिए। पालेकर ने कहा, फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए। मुझे नहीं पता कि बीजेपी ऐसे मंत्री को क्यों बर्दाश्त कर रही है? सीएम प्रमोद भी उन पर चुप हैं।

Aruneel Sadadekar
अरुणील सदड़ेकरauthor

अरुणील सदड़ेकर टाइम्स नाउ नवभारत में प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट हैं। 10 साल से वह पत्रकारिता की दुनिया में है और महाराष्ट्र की सियासत पर पैनी नजर रखते हैं। अरुणील को राजनीति के अलावा,इंवेस्टिगेटिंग रिपोर्टस और खेल में भी गहरी रुचि हैं।

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