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Cash for Job Scam: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने AAP नेताओं पर किया पलटवार, दायर करेंगे मानहानि का मुकदमा

गोवा के नौकरी के लिए नकदी घोटाले (Cash for Job Scam) की जांच ईडी कर रही है। इस बीच कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगातार प्रमोद सावंत और उनकी सरकार पर हमलावर है। अब गोवा के मुख्यमंत्री ने ये साफ कर दिया है कि वो आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।

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प्रमोद सावंत और संजय सिंह

Goa: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि उन्होंने नौकरी के बदले नकदी संबंधी कथित घोटाले में उनका और उनकी पत्नी का नाम लेने के लिए दिल्ली और गोवा में आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सावंत ने कहा कि विपक्षी दल, विशेषकर आम आदमी पार्टी, बिना किसी कारण और सबूत के घोटाले में उनका और उनकी पत्नी का नाम ले रही है, जबकि राज्य पुलिस एक पारदर्शी जांच कर रही है।

AAP नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे प्रमोद सावंत

सीएम प्रमोद सावंत ने गोवा हवाई अड्डे पर मीडिया से कहा, 'मैंने दिल्ली और गोवा में ‘आप’ नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेरी पत्नी उनके खिलाफ मानहानि का एक अन्य मुकदमा दायर करेंगी।'

प्रमोद सावंत ने कहा, 'आम आदमी पार्टी के सांसद आबकारी घोटाले में दो साल तक जेल में रहे। अब वे जमानत पर बाहर हैं। उन्हें लोगों पर झूठे आरोप लगाने की आदत है।' सीएम सावंत ने कहा कि अगर किसी ने नौकरी के लिए पैसे दिए हैं, तो मैंने अधिकारियों से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। कई लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, हमने ऐसे सरकारी अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया है जो इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि 'जो व्यक्ति जमानत पर है और जिसने मुझ पर और मेरी पत्नी पर आरोप लगाए हैं - मैं उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा और उसे अदालत में जवाब देना होगा।'

आप ने इस घोटाले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई

गोवा में कई अभ्यर्थियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें राज्य सरकार में नौकरी दिलाने का वादा करने वाले कुछ लोगों को लाखों रुपये देने के लिए मजबूर किया गया। इससे पहले, ‘आप’ ने बुधवार को गोवा में नौकरी के लिए नकदी घोटाले की न्यायिक जांच की मांग उठाई और दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है। ‘आप’ की गोवा इकाई के अध्यक्ष अमित पालेकर ने यहां पत्रकारों से कहा कि मीडिया में आई खबरों में ईडी द्वारा घोटाले की जांच शुरू कर दिए जाने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, 'मुझे लगता है कि ईडी की जांच से कोई नतीजा नहीं निकलेगा क्योंकि यह भाजपा की ही एक एजेंसी है।' पालेकर ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में भाजपा के कुछ पदाधिकारी शामिल हैं और इसलिए ‘आप’ ने इसकी न्यायिक जांच की मांग की है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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