'वर्ल्ड अल्जाइमर डे' इतिहास
'वर्ल्ड अल्जाइमर डे' की शुरूआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सन 21 सितंबर 1984 को की थी। 'वर्ल्ड अल्जाइमर डे' का उद्देश्य अल्जाइमर रोग के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यह आमतौर पर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि ये कम उम्र के लोगों को प्रभावित नहीं कर सकता है। इन दिनों डिप्रेशन की वजह से कई लोग अल्जाइमर का शिकार हो रहे हैं।
क्या है इस साल की थीम - World Alzheimer's Day 2023 Theme
'वर्ल्ड अल्जाइमर डे' 2023 का थीम है 'नेवर टू अर्ली, नेवर टू लेट। इस थीम का मतलब है कि जो लोग अल्जाइमर की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। अभी भी देर नहीं हुई है। वे अब भी इस बीमारी की रोकथाम के लिए उपाय अपना सकते हैं।
अल्जाइमर के बारे में कुछ फैक्ट्स - Some facts about Alzheimer's
- अल्जाइमर रोग होने पर आपका ब्रेन सिकुड़ जाता है, जिसकी वजह से आपकी याददाश्त कमजोर हो जाती है। इसके साथ ही इस बीमारी की वजह से सोशल स्किल में भी गिरावट देखने को मिलती है।
- अल्जाइमर की वजह से याददाश्त में कमी, रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई, बोलने में परेशानी और मूड में बदलाव अल्जाइमर रोग के कुछ लक्षण हैं। जैसे जैसे ये बीमारी बढ़ती जाती है व्यक्ति एक ही बात को बार बार दोहराता है।
- अल्जाइमर एक प्रकार का डिमेंशिया है।
- बता दें कि अल्जाइमर रोग का अब तक कोई इलाज नहीं है। दवाओं की मदद से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।
