Heart Swelling Inflammation Causes In Hindi: दिल में सूजन होना बहुत ही गंभीर समस्या है। जब दिल में सूजन हो जाती है, तो यह हार्ट फंक्शन को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। जैसे-जैसे स्थिति गंभीर होने लगती है, तो इससे शरीर में कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। लंबे समय में यह हार्ट अटैक, फेलियर और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकती है। लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं दिल में सजून आखिर क्यों होती है और इसके पीछे क्या-क्या कारण जिम्मेदार हो सकते हैं? आपको बता दें कि दिल में सूजन का कोई एक कारण नहीं है। यह कई कारणों से हो सकती है। अच्छी बात यह है कि समय रहते इसके लक्षणों को पहचान और सही उपचार के साथ इस स्थिति से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। इस लेख में हम आपको दिल में सूजन के कारण विस्तार से बता रहे हैं।
आइए पहले समझें दिल में सूजन के लक्षण क्या होते हैं- Symptoms Of Heart Swelling In Hindi
क्लीवलैंड क्लिनिक यूएस, के अनुसार दिल में सूजन के तीन प्रकार होते हैं- एंडोकार्डिटिस, मायोकार्डिटिस और पेरिकार्डिटिस। तीनों ही प्रकार सूजन में कुछ लक्षण समान होते हैं और कुछ अलग। दिल की सूजन कितनी गंभीर है, इसके आधार पर भी व्यक्ति को अलग-अलग लक्षणों का अनुभव हो सकता है। नीचे दिल में सूजन के सबसे आम लक्षण बताए गए हैं.
बुखार होना, छाती में दर्द, और सांस लेने में परेशानी
पेट में दर्द, पेशाब के साथ खून आना और रात को पसीना अधिक आना
पैरों या टांगों में सूजन, बहुत अधिक थकान, घबराहट
तेजी से दिल धड़कना, बैठने और झुकने पर सीने में आगे की ओर दर्द
नाक बहना, पेट से जुड़ी समस्याएं, खांसी
हृदय में सूजन के कारण- Heart Swelling Causes In Hindi
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, वैसे तो ऐसी कई चीजें हैं जो दिल में सूजन का कारण बन सकती हैं। इसके सामान्य कारणों में कुछ ऑटोइम्यून स्तिथियां, बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण आदि शामिल हैं। कुछ अन्य स्थितियों में शामिल हैं..
वातावरण में हानिकारक धातुएं जैसे सीसा
डिप्रेशन, अटैक या वजन घटाने के लिए ली जाने वाली दवाएं
रुमेटीइड गठिया जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां।
अगर आप समय पर दिल में सूजन नोटिस होने पर डॉक्टर के पास जाते हैं, तो हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं। डॉक्टर उपचार की मदद से स्थिति का इलाज कर सकते हैं। इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
