Bijapur News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी नेता दिलीप बेदजा सहित कुल चार उग्रवादी मारे गए। इस बारे में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के अनुसार, जिले के उत्तर-पश्चिमी इलाके के जंगलों में सुबह तड़के उस समय मुठभेड़ शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टुकड़ी को माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली और वह नक्सल विरोधी अभियान के तहत इलाके में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी।
पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया?
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) के कर्मी भी शामिल थे। यह कार्रवाई क्षेत्र में मंडल स्तरीय समिति के सदस्य दिलीप बेदजा की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद शुरू की गई थी।
4 नक्सलियों के शव बरामद
पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि तलाशी अभियान के दौरान दोपहर तक मुठभेड़ स्थल से दो माओवादी शव बरामद किए गए, जबकि शाम के समय एक महिला सहित दो अन्य नक्सलियों के शव भी मिले। यादव के अनुसार, घटनास्थल से AK-47 और .303 राइफल समेत कई हथियार जब्त किए गए हैं तथा इलाके में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।
2025 में 285 नक्सली ढेर
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुठभेड़ में ढेर किए गए नक्सलियों में से एक की पहचान दिलीप बेदजा के रूप में हुई है, जो कई बड़ी वारदातों में संलिप्त रहा था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बाकी तीन माओवादी भी उसी क्षेत्रीय समिति से जुड़े थे, लेकिन फिलहाल उनकी पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई है। उन्होंने आगे बताया कि 3 जनवरी को बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर संभाग में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सली मारे गए थे। वहीं, पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ हुई कार्रवाइयों में 285 नक्सली ढेर किए गए। केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के पूरी तरह उन्मूलन के लिए 31 मार्च तक की समय-सीमा निर्धारित की है।
(इनपुट - भाषा)
