Ujjain Mahakal Heavy Crowd: धार्मिक नगरी उज्जैन में सावन के पवित्र सोमवार और नागपंचमी के पावन पर्व पर भगवान महाकाल और वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अचानक उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ बढ़ जाने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक टीम को कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को रोकना पड़ा।
नीलकंठ द्वार के पास फैली करंट की अफवाह, मची भगदड़ जैसी स्थिति
मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर के नीलकंठ द्वार के समीप अचानक बिजली का करंट फैलने की अफवाह उड़ गई, जिससे कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के बीच अफरातफरी मच गई। अफवाह फैलते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जिससे हुई धक्का-मुक्की में कुछ श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। घटना स्थल पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को संभाला तथा घायल श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया।
बता दें कि भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए उज्जैन जिला प्रशासन और पुलिस बल की टीमों को पूरे मंदिर क्षेत्र में अलर्ट मोड पर रखा गया है। होल्डिंग क्षेत्रों का उपयोग कर श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे जत्थों में आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि मुख्य नंदी हॉल और गर्भगृह के आसपास दबाव न बने।
भ्रामक खबरों का मंदिर प्रबंध समिति द्वारा खंडन
महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक (IAS) प्रथम कौशिक ने कहा, 'कुछ मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर में अफरातफरी एवं अव्यवस्था संबंधी भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका मंदिर प्रबंध समिति पूर्णतः खंडन करती है। नागपंचमी, सावन सोमवार एवं भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने से श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रही। अब तक लगभग 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। विभिन्न मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। समिति की अपील है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें और भ्रामक अथवा अपुष्ट खबरों को साझा न करें।' हालांकि, जिस कदर देखने में आ रहा है, उससे साफ है कि भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया था। जहां कई मीडिया रिपोर्ट में घायलों के नाम भी सार्वजनिक किए गए हैं।
