स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश के हाथों ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिससे बतौर कप्तान पैट कमिंस के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। पहला टेस्ट मैच चार दिन के भीतर ही सत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने चौथी पारी में बांग्लादेश को जीत के लिए सिर्फ 57 रनों का लक्ष्य दिया था। मेहमान टीम ने 14.2 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह हार ऑस्ट्रेलिया की बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टेस्ट में पहली हार थी और इसने कमिंस को एक ऐसी लिस्ट में शामिल कर दिया, जिसमें कोई भी खिलाड़ी शामिल नहीं होना चाहेगा। कमिंस, ग्रेग चैपल के बाद दूसरे ऐसे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान बन गए हैं जिन्होंने दो अलग-अलग एशियाई टीमों के खिलाफ घरेलू टेस्ट मैच हारे हैं।
चैपल के बाद बने दूसरे कप्तान
चैपल ने पाकिस्तान के खिलाफ 1977 में सिडनी और दिसंबर 1981 में मेलबर्न में दो घरेलू टेस्ट मैच हारे थे। और एक मैच भारत के खिलाफ फरवरी 1981 में मेलबर्न में हारा था। कमिंस अब भारत के खिलाफ एक घरेलू टेस्ट (नवंबर 2024 में पर्थ में) और बांग्लादेश के खिलाफ एक घरेलू टेस्ट (अगस्त 2026 में डार्विन में) हार चुके हैं।
हसन महमूद ने चटकाए 9 विकेट
बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ तीन टेस्ट मैचों की जरूरत पड़ी। वे अब ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट मैच जीतने वाली सबसे तेज एशियाई टीम और कुल मिलाकर दूसरी सबसे तेज टीम बन गए हैं। तेज गेंदबाज हसन महमूद ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लिए और 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड जीता। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में छह और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए।
तंजिद हसन का शतक
मेहदी हसन मिराज ने भी बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। उन्होंने पहली पारी में अर्धशतक लगाया और फिर दूसरी पारी में पांच विकेट लिए। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने पहली पारी में 84 रन बनाए, जबकि ओपनर तंजिद हसन तमीम ने 197 गेंद पर 101 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड ने पहली पारी में छह विकेट लिए, जबकि कैमरन ग्रीन ने दूसरी पारी में 104 रन बनाए। हालांकि, बाकी ऑस्ट्रेलियाई टीम कोई खास असर नहीं डाल सकी और बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल कर ली।
