UP News: उत्तर प्रदेश में मानसूनी हवाओं के मजबूत होने से पूरे प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई शहरों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश और काले बादलों के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश की वजह से कहीं रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है तो कहीं अस्पतालों की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
प्रयागराज: ससुर खदेरी नदी उफनाई, घरों में घुसा गंदा पानी
प्रयागराज में देर रात से हो रही भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है।
करेली इलाके में एसडीएम चौराहे के पास नाला और ससुर खदेरी नदी उफनाने से गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया। गलियों और कॉलोनियों में 3 से 4 फीट तक जलभराव हो गया है, जिससे कारें और मोटरसाइकिलें पानी में डूबी नजर आईं। घरों के ग्राउंड फ्लोर पर रखा सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है, जिसके कारण लोग अपने घरों की पहली मंजिल पर शरण लेने को मजबूर हैं। गलियों में पानी भरने के बाद प्रशासन को नावें उतारनी पड़ीं। पुलिस और NDRF की टीमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।
रायबरेली: बछरावां CHC परिसर बना तालाब, जच्चा-बच्चा वार्ड जलमग्न
रायबरेली जिले के बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जल निकासी की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। झमाझम बारिश के बाद सीएचसी परिसर, अधीक्षक के कमरे और मरीजों के वार्डों तक पानी भर गया। जच्चा-बच्चा वार्ड में बारिश का पानी घुस जाने से नवजात शिशुओं, प्रसूताओं और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परिसर के तालाब में तब्दील होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
25 से अधिक शहरों में जनजीवन ठप
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व यूपी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है। भारी बारिश और जलभराव के खतरे को देखते हुए रायबरेली और सीतापुर समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। संभल में सरकारी अस्पताल के बाहर एक फीट तक पानी भर गया है, जबकि राजधानी लखनऊ में 3 घंटे की तेज बारिश के कारण कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को जल निकासी और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं।
