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Paras Kund: एमपी की इस नदी में है पारस मणि! हैरान कर देगी कहानी

एमपी में घूमने की कई सुंदर जगहें हैं, लेकिन आज हम यहां के एक कुंड के बारे में बताने जा रहे हैं। इस कुंड को पारस कुंड कहा जाता है। यहां के इस कुंड को लेकर कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं, जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे।

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एमपी, पारस कुंड

Photo : Twitter

Paras Kund: भारत में कई तरह की नदी, तालाब और कुंड मौजूद हैं। जिसे लेकर लोगों का ऐसा मानना है कि इस कुंड में पारस पत्थर है। इस पत्थर की खोज में आज भी लोग छुप-छुपाकर यहां जाते हैं और इस कुंड में अपनी किस्मत आजमाते हैं। तो चलिए बिना देर किए जानते हैं इस कुंड के इतिहास के बारे में।

बुंदेलखंड के सागर में भी एक ऐसा पारस कुंड है, जिसको लेकर यहां के लोगों का मानना है कि इसमें लोहे को सोना बनाने वाला पारस पत्थर मौजूद है। दरअसल, सागर में एक प्रसिद्ध रानगिर माता मंदिर है, जो विंध्य पर्वत पर मौजूद है। इन चट्टानों के बीच से लगभग 200 फीट की गहराई में देहार नदी निकलती है। बताया जाता है कि इसी नदी के बीच में कुंड, जिसके गहराई की कोई सीमा नहीं है। इस कुंड को पारस पत्थर कुंड के नाम से जाना जाता है।

पारस नदी की कहानी

आपको बता दें कि इस कुंड को लेकर एक कहानी प्रचलित है, ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन काल में यहां के राजा को पता चला कि उसके क्षेत्र में एक लोहार रहता है और उसके पास लोहे को सोना बनाने वाली एक मणि है। तब राजा ने उसे महल में आने का बुलावा भेजा, लेकिन लोहार ने आने से मना कर दिया। जिसके बाद राजा के सैनिक उसे जबरन महल लेकर आ गए। लेकिन लोहार ने राजा के पास जाने से पहले ही पत्थर को नदी में फेक दिया। जब राजा को इस बात का पता चला तो लोहार को बंदी बना लिया गया और सैनिकों को नदी से उस पत्थर को ढूंढकर लाने का आदेश दिया।

किसी को नहीं मिला पत्थर

सैनिकों ने काम शुरू किया मगर वह पत्थर नहीं मिला। लेकिन सैनिकों की जब नजर पड़ी तो देखा कि लोहे का एक कांटा सोने का हो गया था। जिससे सभी को यह यकीन हो गया कि वह पत्थर नदी में ही मौजूद है। बाद में लोहार को छोड़ दिया गया, मगर वह पत्थर कभी नहीं मिला। आज भी लोग इस पत्थर से की तलाश में नदी में लोहा लेकर पहुंच जाते हैं,लेकिन आज तक किसी को वह पत्थर मिला नहीं है। इतिहासकार डॉ. श्याम मनोहर पचौरी ने अपनी किताब ‘रहली की ऐतिहासिकता और संस्कृति’ में भी इसका जिक्र किया है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल आपकी जानकारी के लिए है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है)

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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