गाजियाबाद

हाल-ए-यूपीः यह है वो ऑफिस जहां हेलमेट पहनकर काम करते हैं कर्मचारी, जानिए ऐसा क्यों

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 27, 2023, 05:02 PM IST

दफ्तर में लगभग 40 कर्मचारी काम करते हैं। वे सभी वहां हेलमेट पहनकर बैठते हैं और उसी के साथ काम करते हैं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (वीडियो स्क्रीनग्रैबः टीओआई)

Photo : Twitter

उत्तर प्रदेश को भले ही उत्तर प्रदेश बताया जाता हो, मगर अभी भी कुछ जगहों पर स्थिति बेहाल है। इसी बात की बानगी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में देखने को मिली है। वहां के बड़ौत कस्बा में बिजली विभाग की मीटर टेस्टिंग लैब में आज भी अंग्रेजों के समय की इमारत में काम होता है।

चूंकि, बिल्डिंग इतनी पुरानी और जर्जर हो चुकी है कि वहां की छत से किस समय सीलिंग से प्लास्टर किसके ऊपर गिर पड़े यह किसी को नहीं पता। चूंकि, कभी भी प्लास्टर का टुकड़ा कभी भी गिर सकता है, इस लिहाज से वहां से लगभग 40 कर्मचारी सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट पहनकर काम करते हैं।

इस बारे में 'एनबीटी' को वहां ऑफिस में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर वेदपाल आर्य ने बताया- हमें बिल्कुल नहीं पता कि कब हमारे सिर पर मलबे के रूप में आकर आफत आ जाए। ऐसे में हम हेलमेट लगाकर ही काम करते हैं। बारिश के समय स्थिति और खराब हो जाती है। वैसे, इससे पहले कई कर्मचारी जख्मी हो चुके हैं। पर उच्च आलाधिकारियों के सामने यह मसला उठाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी है।

यही नहीं, ऑफिस में काम करने वाले संविदाकर्मी गौरव शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सात साल से मैं इस जगह काम कर रहा हूं, लेकिन कोई काम नहीं कराया गया। सिर्फ एक सर्वे हुआ था, पर उसके बाद कोई और काम नहीं हुआ। ऐसा लगता है कि अफसर और बड़े बाबू किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में बैठे हैं।

हालांकि, इस मसले जिलाधिकारी राजकमल यादव संज्ञान ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि यह मामला बेहद गंभीर है इसलिए पावर कॉरपोरेशन लिमिडेट को पत्र लिखकर इस समस्या का जल्द ही हल कराया जाएगा।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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