उत्तर प्रदेश को भले ही उत्तर प्रदेश बताया जाता हो, मगर अभी भी कुछ जगहों पर स्थिति बेहाल है। इसी बात की बानगी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में देखने को मिली है। वहां के बड़ौत कस्बा में बिजली विभाग की मीटर टेस्टिंग लैब में आज भी अंग्रेजों के समय की इमारत में काम होता है।
चूंकि, बिल्डिंग इतनी पुरानी और जर्जर हो चुकी है कि वहां की छत से किस समय सीलिंग से प्लास्टर किसके ऊपर गिर पड़े यह किसी को नहीं पता। चूंकि, कभी भी प्लास्टर का टुकड़ा कभी भी गिर सकता है, इस लिहाज से वहां से लगभग 40 कर्मचारी सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट पहनकर काम करते हैं।
इस बारे में 'एनबीटी' को वहां ऑफिस में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर वेदपाल आर्य ने बताया- हमें बिल्कुल नहीं पता कि कब हमारे सिर पर मलबे के रूप में आकर आफत आ जाए। ऐसे में हम हेलमेट लगाकर ही काम करते हैं। बारिश के समय स्थिति और खराब हो जाती है। वैसे, इससे पहले कई कर्मचारी जख्मी हो चुके हैं। पर उच्च आलाधिकारियों के सामने यह मसला उठाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी है।
यही नहीं, ऑफिस में काम करने वाले संविदाकर्मी गौरव शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सात साल से मैं इस जगह काम कर रहा हूं, लेकिन कोई काम नहीं कराया गया। सिर्फ एक सर्वे हुआ था, पर उसके बाद कोई और काम नहीं हुआ। ऐसा लगता है कि अफसर और बड़े बाबू किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में बैठे हैं।
हालांकि, इस मसले जिलाधिकारी राजकमल यादव संज्ञान ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि यह मामला बेहद गंभीर है इसलिए पावर कॉरपोरेशन लिमिडेट को पत्र लिखकर इस समस्या का जल्द ही हल कराया जाएगा।
