दिल्ली

दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में CM केजरीवाल के खिलाफ भी हो FIR- BJP की मांग, किया बड़ा दावा

  • Reported by: अमित गौतमEdited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Feb 14, 2023, 07:13 PM IST

भाजपा नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को बताना होगा कि घोटाला पकड़ में आने के बाद बैंक का अनुबंध खत्म क्यों नहीं किया गया? 2018 में घोटाला प्रकाश में आने के बाद भी बैंक का अनुबंध 2020 तक कैसे चलता रहा? आखिर कोई कार्रवाई करने की बजाय उसका कमीशन क्यों बढ़ा दिया गया?

Image

जल बोर्ड घोटाले में मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ दर्ज की जाए एफआईआर : बीजेपी

Photo : Twitter

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मांग की है कि दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। इस घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए क्योंकि जल बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उन्हें इस घोटाले की पूरी जानकारी थी।

किया बड़ा दावा

बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड ने वर्ष 2015 में कारपोरेशन बैंक को दिल्ली जल बोर्ड के बिलों को वसूलने का अधिकार दिया, लेकिन कारॅपोरेशन बैंक ने यह काम दूसरी कंपनी को और दूसरी कंपनी ने तीसरी कंपनी को दे दिया। उस कंपनी ने उपभोक्ताओं से प्राप्त नकद राशि और चेकों को जल बोर्ड के पास जमा कराने की बजाय फर्जी खातों में जमा करा दिया। यह घोटाला दिल्ली जल बोर्ड में 2015 से चल रहा था। इसमें जल बोर्ड के अधिकारियों, जल बोर्ड के द्वारा नियुक्त फंड कलेक्टर एजेंट और बैंक के अधिकारियों की सांठ-गांठ थी, जिन्होंने सैंकड़ों करोड़ रुपए का गबन किया।

लगाए गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि 2018 के अंत में यह घोटाला दिल्ली जल बोर्ड के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आया तो उस समय की जांच में पता चला कि अब तक 20 करोड़ रुपयों का घोटाला किया जा चुका है। जब यह घोटाला पकड़ में आया तो उन अधिकारियों ने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री और जल बोर्ड के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को भी दी, लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने की बजाय इस बैंक को न सिर्फ अनुबंध जारी रखने दिया बल्कि उसका प्रति बिल कमीशन भी एक रुपए बढ़ा दिया। पहले उन्हें कमीशन के रूप में प्रति बिल 5 रुपए दिए जाते थे जिसे बढ़ाकर 6 रुपए प्रति बिल कर दिया गया।

पूछे सवाल

बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को बताना होगा कि घोटाला पकड़ में आने के बाद बैंक का अनुबंध खत्म क्यों नहीं किया गया? 2018 में घोटाला प्रकाश में आने के बाद भी बैंक का अनुबंध 2020 तक कैसे चलता रहा? आखिर कोई कार्रवाई करने की बजाय उसका कमीशन क्यों बढ़ा दिया गया? अगर वह ईमानदार थे और उनका कोई लालच नहीं था तो फिर सारे मामले की सूचना तुरंत पुलिस को क्यों नहीं दी गई?

FIR की मांग

उन्होंने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड के सारे खाते सील किए जाएं, उनका सीएजी ऑडिट कराया जाए। सीएजी ने ऑडिट के लिए अब तक 22 बार दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है लेकिन उसका जवाब नहीं दिया गया। खातों के ऑडिट के बाद ही पता चल सकेगा कि यह 20 करोड़ रुपयों का घोटाला हुआ था या 200 करोड़ रुपयों का। इसलिए मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके इस सारे मामले की व्यापक जांच कराई जाए। इस संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता श्री यासिर जिलानी भी उपस्थित थे।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

अमित गौतम
अमित गौतमauthor

पत्रकारिता में चार साल का तजुर्बा। राजनीतिक खबरों की नब्ज पहचानता हूं। कुछ नया करने की हर वक्त कोशिश करता हूं।

और पढ़ें
End of Article