लखनऊ: लखनऊ की एक स्थानीय अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर का कथित अपमान करने के मामले में 10 जनवरी 2025 को तलब किया है। कांग्रेस सांसद पर आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के बारे में शरारतपूर्ण बयान देकर लोगों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया है और इसके लिए उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) आलोक वर्मा ने स्थानीय वकील नृपेन्द्र पांडेय की ओर से दायर आपराधिक शिकायत पर यह आदेश पारित किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) आलोक वर्मा की अदालत ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी करते हुए राहुल गांधी को बतौर अभियुक्त तलब करते हुए आगामी 10 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया है।
वीर सावरकर पर की थी विवादित टिप्पणी
वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी और भड़काऊ भाषण देने के मामले में लखनऊ की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तलब किया है। राहुल गांधी को 10 जनवरी 2025 को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है। इस दौरान राहुल गांधी अपना पक्ष रखेंगे। लखनऊ के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत ने गुरुवार को कथित भड़काऊ बयान और वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी के संबंध में दर्ज परिवाद पर सुनवाई की।
राहुल गांधी ने सावरकर को अंग्रेजों का नौकर कहा था
अदालत ने राहुल गांधी को प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) और 505 के तहत अपराध के लिए दोषी पाया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई तय तारीख पर होगी।अधिवक्ता नृपेन्द्र पांडे द्वारा दायर एक शिकायत पर अदालत ने नोटिस जारी किया है। शिकायत में दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने समाज में नफरत फैलाने के इरादे से राष्ट्रवादी विनायक दामोदर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर कहा था। साथ ही यह भी कहा था कि वह अंग्रेजों से पेंशन लेते थे।
