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महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, Chatbot देगा हर सवाल का जवाब; 10 भाषाओं में मिलेगी पूरी जानकारी

Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेला 2025 को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को केंद्र सरकार ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सहायता के लिए बहुभाषी क्षमता से लैस एक एआई-संचालित ‘चैटबॉट’ की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई यह पहल ‘डिजिटल महाकुंभ’ दृष्टि का हिस्सा है।

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Chatbot महाकुंंभ में देगा श्रद्धालुओं के हर सवाल का जवाब

Photo : iStock

Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को केंद्र सरकार ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सहायता के लिए बहुभाषी क्षमता से लैस एक एआई-संचालित ‘चैटबॉट’ की शुरुआत की। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चैटबॉट ऐसे ऐप या इंटरफेस (व्यक्ति और कंप्यूटर के बीच संबंध) हैं जो भाषा की समझ (एनएलयू) और ‘मशीन लर्निंग’ का उपयोग कर मानव जैसी बातचीत कर सकते हैं।

हिंदी, अंग्रेजी, तमिल और तेलुगु समेत कई भाषाओं में देगा जानकारी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई यह पहल ‘डिजिटल महाकुंभ’ दृष्टि का हिस्सा है। ‘एआई चैटबॉट कुंभ सहायक’ तुरंत ही जवाब देगा और एक निःशुल्क मार्गदर्शक के रूप में काम करेगा। यह ऐप प्रयागराज मेला प्राधिकरण और यूपीडेस्को (उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड) द्वारा विकसित किया गया है। कुंभ सहायक ऐप ‘ओला कृत्रिम’ क्लाउड द्वारा मुहैया कराए गए ओपेन सोर्स ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ पर आधारित है। यह हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मराठी, मलयालम, उर्दू, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़ और बांग्ला में संवाद कर सकता है।

ओला कृत्रिम ने एक बयान में कहा कि यह प्लेटफॉर्म तीर्थयात्रियों को महाकुंभ के इतिहास, अनुष्ठानों और महत्व, यात्रा और आवास विकल्पों तथा प्रयागराज के आसपास के प्रमुख आकर्षणों जैसे विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करता है। बयान में कहा गया कि इसके अलावा, गोपनीयता सुनिश्चित करने और गलत सूचना की रोकथाम के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों के साथ, चैटबॉट सभी उपस्थित लोगों के लिए एक सहज, सुरक्षित अनुभव प्रदान करता है। वर्ष 2025 का महाकुंभ मेला 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से 26 फरवरी (महा शिवरात्रि) तक प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा।

महाकुंभ में 40 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद

महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल पर किया जाता है। इसमें विश्व के कोने-कोने से करीब 40 करोड़ तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के आने की उम्मीद है। ओला के संस्थापक भवीश अग्रवाल ने कहा कि इस नवाचार के साथ, हम विरासत और प्रगति के मिलन का आनंद उठाएंगे, साथ ही हम डिजिटल सशक्तीकरण और प्रौद्योगिकीय स्वतंत्रता की दिशा में भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के प्रति दृढ़ हैं, जिसे एआई, चिप डिजाइनिंग और क्लाउड ढांचे में हमारे निवेश से बल मिलता है। प्रधानमंत्री ने महाकुंभ को एकता का महायज्ञ बताते हुए कहा कि यह देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मोदी ने प्रयागराज में 5500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि महाकुंभ में जाति और संप्रदायों का भेद मिट जाता है। उन्होंने 2025 के महाकुंभ मेले के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार के उद्देश्य से 5,500 करोड़ रुपये की प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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