ग्रेटर नोएडा

Greater Noida वेस्ट में बनेगी एलिवेटेड रोड, एक मूर्ति गोल चक्कर का आकार होगा छोटा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक मूर्ति गोलचक्कर का आकार कम करके यहां सड़क को और चौड़ा करने का प्लान है। साथ ही ग्रेटर नोएडा में एलिवेटेड रोड बनाकर जाम के झाम से छुटकारा पाने की कोशिश की जा रही है।

Image

Greater Noida वेस्ट में बनेगी एलिवेटेड रोड, एक मूर्ति गोल चक्कर का आकार होगा छोटा

ग्रेटर नोएडा: लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम की समस्या को कंट्रोल करने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने प्लान तैयार किया है। इससे निपटने के लिए अथॉरिटी ने गोलचक्कर की चौड़ाई कम करने और एक नया एलिवेटेड रोड बनाने की कवायत शुरू किया है। एनबीटी के हवाले से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से झाम से निजात दिलाने के लिए गौड़ गोलचक्कर पर अंडरपास का निर्माण शुरू किया जाएगा, जोकि जल्द ही शुरू होगा। इसके साथ ही अब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने ग्रेनो वेस्ट में एक मूर्ति गोलचक्कर का आकार छोटा करने का काम शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि अब इस गोलचक्कर का आकार अंडाकार होगा और यहां सड़क तीन की जगह 6 लेन की हो जाएगी।

30 मीटर रोड पर होगा एलिवेटेड रोड

आसपास की सड़कों को भी चौड़ा किए जाने की बात कही जा रही है। यहां स्थिति यह है कि 2 मिनट का रास्ता पार करने में लोगों को आधे से पौन घंटे का समय ट्रैफिक जाम की वजह से लग जाता है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में किसान चौक से नॉलेज पार्क-5 तक एलिवेटेड बनाने पर भी ग्रेनो अथॉरिटी ने विचार शुरू कर दिया है। यहां 130 मीटर रोड पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है। जानकारी के मुताबिक इसके लिए कंसल्टेंट एजेंसी का चयन कर इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराने की तैयारी है।

वर्तमान में नोएडा के लोगों को गाजियाबाद या ग्रेटर नोएडा जाने वाले ग्रेनो वेस्ट से होकर गुजरते हैं, जिसके चलते ग्रेनो वेस्ट में किसान चौक, शाहबेरी और एक मूर्ति गोलचक्कर पर वाहनों का अधिक दबाव रहता है। इसी समस्या से भविष्य में निजात पाने के लिए ग्रेनो अथॉरिटी का यहां एलिवेटेड रोड बनाने का प्लान है। इसके बनने से यातायात में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। साथ ही लोगों का जाम की वजह से सड़क पर खर्च होने वाला समय भी बचेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article