India Economic Conclave 2024: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2024 के दूसरे दिन इस विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर कोई इकोनॉमी ग्रोथ कर रही है तो आप देखेंगे कि एनर्जी की खपत बढ़ रही होगी। अभी भारत क्रूड ऑयल की जरूर का 85 फीसदी आयात करता है। जबकि हम नेचुरल गैस का करीब 50 फीसदी आयात करते हैं। हम एलपीजी भी आयात करते हैं, मगर वो अलग है। मगर अच्छी बात ये है कि दुनिया में ऊर्जा की कमी नहीं है। दुनिया में जितनी भी दिक्कते हैं, उन सबके बावजूद इंटरनेशनल मार्केट में एनर्जी और क्रूड ऑयल उपलब्ध है।
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नेचुरल गैस का यूज बढ़ाने पर फोकस
पुरी ने कहा कि हमारा लक्ष्य एनर्जी में नेचुरल गैस का यूज मौजूदा 6 फीसदी से 15 फीसदी तक बढ़ाने का है। हालांकि मुझे लगता है कि ग्रीन हाइड्रोजन वो फ्यूल है, जिससे कामयाबी हासिल होगी और इस इसके लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी हाइड्रोजन के लिए क्या-क्या जरूरी
पुरी ने कहा कि ग्रीन एनर्जी हाइड्रोजन के प्रोडक्शन के लिए सबसे पहले जरूरी है कि हम उचित लागत पर क्लीन सोलर एनर्जी बना पाएं। इसकी लागत अब प्रति यूनिट 21.20 रु से घट कर 2.5 रु रह गयी है। दूसरी चीज हमें चाहिए इलेक्ट्रोलाइजर। हम इन दोनों चीजों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं।
9700 करोड़ रु की PLI स्कीम
सरकार ने इलेक्ट्रोलाइजर के लिए 9700 करोड़ रु की PLI (Production Linked Incentive) स्कीम का प्रोविजन किया था, जिसका पूरा इस्तेमाल किया गया। पुरी ने कहा कि अगले 2-3 साल में भारत ग्रीन हाइड्रोजन के मामले में वैश्विक मंच पर सबसे आगे होगा।
