Navratri Special: भोपाल के इस मंदिर में मां दुर्गा को चढ़ाई जाती है चप्पल!

Bhopal News: भोपाल के कोलार में पहाड़ी पर एक अनोखा मंदिर है जीजाबाई माताका। यहां की विशेषता है कि मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में प्रसाद के रूप में यहां चप्पल –जूतेचढ़ाए जाते हैं। विदशों से भी माता के भक्त जूते –चप्पल भेजते हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत

Updated Sep 27, 2022 | 04:49 PM IST

jijabai temple

भोपाल के कोलार पहाड़ी पर है मंदिर

तस्वीर साभार : Facebook
मुख्य बातें
  • प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाते हैं जूते चप्पल
  • भोपाल के कोलार क्षेत्र की पहाड़ी में स्थित है माता जीजाबाई का मंदिर
  • बेटी के रूप में की जाती है माता की पूजा
Bhopal Jijabai Temple: अभी तक आप किसी भी धार्मिक स्थल या मंदिर पर जाते होंगे तो मंदिर मेंप्रवेश करने से पूर्व जूता-चप्पलों को बाहर ही उतारकर जाते होंगे। लेकिन भोपाल का एक देवी मां काऐसा मंदिर है जहां पर भक्त माता जी को प्रसाद के रूप में जूते-चप्पल चढ़ाया करते हैं। अब आप सोचरहे होंगे कि ये कैसा अजब मंदिर जहां जूते चप्पल चढ़ाए जाते है। तो आइए बताते हैं इस मंदिर मेंजूते-चप्पल चढ़ाने के रहस्य और इसके महत्व के बारे में।बता दें कि राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में के पहाड़ी पर स्थित है सिद्धिदात्री माता का मंदिर। इसमंदिर को जीजाबाई माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह हैकि इस मंदिर में देवी मां की पूजा बेटी के रूप में होती चली आ रही है। यहां आने वाले मां के भक्त देवीमां को प्रसाद के रूप में नई-नई चप्पले चढ़ाया करते हैं। इस मंदिर में मां के भक्त विदेशों से भी नए-नएजूते सैंडल इत्यादि सामान भेजा करते हैं।

तीन सौ सीढ़ी चढ़ने पर होते हैं माता के दर्शन

जानकारी के लिए बता दें कि कोलार की पहाड़ी पर स्थित मां सिद्धिदात्री के मंदिर की स्थापना ओमप्रकाश महाराज ने करीब 30 वर्ष पहले की थी। इस मंदिर में पहुंचने के लिए माता के भक्तों को करीब300 सीढ़ी चढ़कर पहाड़ी पर पहुंचना पड़ता है। इस मंदिर को लोग जीजाबाई माता मंदिर भी कहते हैं।मंदिर की स्थापना करने वाले ओम प्रकाश महाराज ने बताया कि, इस मंदिर की स्थापना से पहलेभगवान शिव पार्वती के विवाह का अनुष्ठान कराया गया था। इस विवाह में उन्होनें पार्वती जी का खुदकन्यादान अपने हाथों से किया था। इसलिए पंडित ओम प्रकाश महाराज माता को बेटी मानकर पूजाकरते हैं।

गर्मियों में चढ़ाई जाती है कैप

बता दें कि इस मंदिर में मां के भक्त प्रदेश के कोने-कोने से आते हैं। मान्यता यह है कि, इस मंदिर मेंमां को नई चप्पल, सैंडल, चश्मा, गर्मियों के सीजन में कैप और घड़ी चढ़ाने से देवी माता प्रसन्न होजाती हैं और अपने भक्तों की मनोकामना पूरी कर देती हैं। मां जीजाबाई के कई भक्त विदेश से मैया केलिए जूते चप्पल भेजते रहते हैं। इस मंदिर में पूरे साल तक समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान काकार्यक्रम होता रहता है। मंदिर में जीजाबाई माता को हर रोज नई-नई पोशाक पहनाई जाती है। नवरात्रिमें माता के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ होती है।
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