Rasna Success Story: रसना (Rasna) एक ऐसा ब्रांड है जिसे 80 और 90 के दशक के बच्चे नहीं भूल सकते। उन दिनों दूरदर्शन (DD) पर आने वाले रसना के विज्ञापन का जिंगल - आई लव यू, रसना उन बच्चों को आज भी याद होगा। इस जिंगल के साथ रसना ने भारतीय बाज़ार में उस समय एंट्री की थी जब लिम्का (Limca) और थम्प्स अप (Thums Up) जैसी कार्बोनेटेड ड्रिंक लोगों के बीच काफी फेमस हो चुकी थीं। 90 के दशक की शुरुआत तक रसना घर-घर और बड़े समारोहों में परोसे जाने वाला ड्रिंक बन गई थी।
अपने आज तक के सफर में रसना को काफी उतार-चढ़ाव का भी सामना करना पड़ा है। एक समय पर यह ब्रांड टेलीविज़न पर सबसे अधिक दिखाई देने वाला पेय था। मगर आज हालात बदल चुके हैं। बल्कि कंपनी के खिलाफ NCLT में दिवालिया ऐप्लिकेशन स्वीकार हो चुकी है।
किसने किया था शुरू
रसना इंटरनेशनल (Rasna International) के प्रोडक्ट रसना को शुरू में अरीज पिरोजशॉ खंबाटा ने 'Jaffe' नाम से लॉन्च किया था और शुरुआत में इसे केवल गुजरात में डिस्ट्रिब्यूट किया गया। इस प्रोडक्ट को 1979 में रसना नाम से रीलॉन्च किया गया और वोल्टास ने इसे डिस्ट्रिब्यूट किया गया, जिसने 1983 में इसकी मार्केटिंग भी शुरू की।
योअरस्टोरी के अनुसार 18 साल की उम्र में रसना प्राइवेट लिमिटेड में शामिल होने के बाद बायोकैमिस्ट्री में ग्रेजुएट की डिग्री, कानून में एक और डिग्री और व्हार्टन और आईआईएम से कई मैनेजमेंट सर्टिफिकेट के साथ, पिरोज़शॉ खंबाटा 1998 में कंपनी के चेयरमैन और एमडी बने।
32 ग्लास वाला कैम्पेन
'आई लव यू, रसना' कैम्पेन बच्चों और माता-पिता दोनों को टार्गेट करके शुरू किया गया था, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि एक पैक से 32 गिलास कैसे बनाए जा सकते हैं। बाद में रसना ने केसर, इलाइची और जलजीरा फ्लेवर शामिल किए।
सन 2000 में, ब्रांड में अमरूद, लीची, तरबूज और अनानास जैसे नए स्वाद जोड़े गए।
रसना के सामने आए चैलेंज
रसना के सामने असली परेशानी तब शुरू हुई जब बाज़ार में कार्बोनेटेड पेय और फ्रूट जूस की बाढ़ आ गई और वे और भी कम कीमत में। घर ले जाने वाली बोतलें और टेट्रा-पैक ने कंज्यूमर के लिए इन्हें बेहतर ऑप्शन बना दिया, जो पहले से रेडी प्रोडक्ट थे।
संभवत: यही वजह है कि रिपोर्ट्स के अनुसार 2019-20 में इसका रेवेन्यू 135 करोड़ु था, जो 2020-21 में गिर कर 109 करोड़ रु रह गया था।
एनसीएलटी में दिवालिया ऐप्लिकेशन
एनसीएलटी की अहमदाबाद शाखा ने शुक्रवार (सितंबर 1, 2023) को रसना के खिलाफ एक दिवालिया आवेदन को स्वीकार कर लिया। करीब 71 लाख रुपये का किराया न चुकाने के मामले में दो जजों की बेंच ने शुक्रवार को यह आदेश सुनाया। यह फैसला भारत रोड कैरियर प्राइवेट लिमिटेड बनाम रसना प्राइवेट लिमिटेड के मामले में आया। हालांकि रसना इस फैसले के खिलाफ NCLAT का रुख कर सकती है।
