Financial Planning: बजट बनाना फाइनेंशियल प्लानिंग के पिलर्स में से एक है। 50-30-20 नियम एक लोकप्रिय बजट मेथड है जो आपकी आय को जरुरतों, इच्छाओं और बचत की पूर्ति के लिए आवंटित करती है। आइए इस मेथड के बारे में और जानें और जानें कि यह आपकी डिस्पोजेबल आय को सबसे कुशल और जिम्मेदार तरीके से मैनेज करने में आपकी कैसे मदद कर सकता है।
जरुरतों के लिए 50%
अपनी कुल आय में से 50% जरूरी जीवन-यापन के खर्चों के लिए आवंटित किया जाना चाहिए। इनमें किराने का सामान, किराया, यूटिलिटी, EMI, बीमा प्रीमियम आदि जैसी बुनियादी जरुरतें शामिल हो सकती हैं। संक्षेप में इसमें वे खर्च शामिल हैं जो एक आरामदायक जीवनशैली के लिए जरूरी हैं। अगर आपको लगता है कि 50% आपकी जरुरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, तो आपको अपनी खर्च करने की आदतों का आकलन करना चाहिए। क्या आप अपनी खपत से ज्यादा किराने का सामान खरीद रहे हैं? क्या आप गैर-जरूरी चीजों पर ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं? अपने खर्चों की समीक्षा करने से आपको ऐसे खर्चों में कटौती करने और अपने खर्चों को 50% की सीमा के भीतर रखने में मदद मिल सकती है।
खर्चों के अलावा अगर आप लोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अपनी वित्तीय सीमा के रूप में 50% तक सीमित रहें। इसका मतलब है कि जरूरतों के साथ-साथ, आपके लोन/कर्ज की किश्तों को आपकी आय के 50% से कवर किया जाना चाहिए। यह आपको अपनी बचत में से पैसे निकालने से रोकेगा और सुनिश्चित करेगा कि आपका बजट संतुलित रहे।
30% इच्छाओं के लिए
'30' आपकी आय का वह प्रतिशत दर्शाता है जिसे विवेकाधीन खर्च या इच्छाओं के लिए आवंटित किया जाना चाहिए। इसमें उन चीजों पर खर्च शामिल है जो आप चाहते हैं, या जो आपको खुशी देती हैं, जैसे यात्रा, शौक, बाहर खाना, मनोरंजन, आदि। हालांकि आपको संयम बरतना चाहिए और इस सीमा के भीतर रहना चाहिए ताकि आप ज्यादा खर्च न करें, जो आपके वित्तीय लक्ष्यों को बाधित कर सकता है। अगर अप्रत्याशित चुनौतियां आती हैं, तो इस कैटेगेरी से फंड को महत्वपूर्ण जरुरतों को पूरा करने के लिए पुनर्निर्देशित करें।
बचत के लिए 20%
यहां '20' शायद सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वित्तीय सुरक्षा पर केंद्रित है। आपकी आय का यह हिस्सा बचत, निवेश और इमरेजेंसी फंड बनाने के लिए आरक्षित होना चाहिए। इसमें म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, प्रोविडेंट फंड और रिटायरमेंट प्लान जैसे निवेश शामिल हैं जो दीर्घकालिक स्थिरता बनाने और अपेक्षित या अप्रत्याशित जरुरतों के लिए प्लानिंग बनाने में मदद कर सकते हैं।
50-30-20 नियम क्यों महत्वपूर्ण?
जब पैसे की बात आती है, तो आप जानते हैं कि आप हमेशा कमाते नहीं रहेंगे। इस वजह से आपको अपनी आय को रिटायरमेंट जैसी अपरिहार्य घटनाओं के लिए बचत करने की दिशा में निर्देशित करना चाहिए, साथ ही अनिश्चितताओं से खुद को सुरक्षित रखना चाहिए। 50-30-20 नियम अन्य जरुरतों से समझौता किए बिना प्रभावी ढंग से बचत करने का एक प्रभावी तरीका है।
हालांकि, यह अनुपात पत्थर की लकीर नहीं है और इसे आपकी जरुरतों के आधार पर समायोजित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए आप 30% को निवेश बचत के लिए स्वैप कर सकते हैं, जबकि 20% विवेकाधीन खर्चों के लिए आवंटित कर सकते हैं। जितना अधिक आप बचत करेंगे, आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के उतने ही करीब होंगे। दूसरी ओर अपनी आय के 30% से अधिक विवेकाधीन खर्चों को बढ़ाने से बचें। अगर समायोजन की जरुरत है, तो जरूरी वस्तुओं या बचत से समझौता करने के बजाय इस कैटेगरी से उधार लें। याद रखें, आपकी बचत और निवेश एक स्थिर वित्तीय भविष्य के लिए आवश्यक हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी ने लिखी है, यह सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको किसी भी तरह का निवेश करना है तो एक्स्पर्ट्स से संपर्क करें )
