HP-Dell To Make Laptop In India: एचपी (HP) और डेल समेत करीब 38 इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां ऐसी है, जो अब भारत में लैपटॉप बनाएंगी। लैपटॉप के अलावा ये कंपनियां भारत में टैबलेट्स और सर्वर भी तैयार करेंगी। इसके लिए इन कंपनियों ने केंद्र सरकार की पीएलआई स्कीम (PLI Scheme) के तहत आवेदन किया है, जो कि इनसेंटिव प्रोग्राम है।
केंद्र सरकार का फोकस अपने 'मेक इन इंडिया' (Make In India) इनीशिएटिव पर है, जिसका मकसद मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना है। इस प्रोग्राम के तहत कई ग्लोबल कंपनियों ने भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाए हैं। वहीं कुछ ने भारतीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है।
किस-किस कंपनी ने किया है अप्लाई
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव के मुताबिक जिन लैपटॉप-टैबलेट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने पीएलआई स्कीम के तहत आवेदन किया है, उनमें हैवलेट पैकर्ड (एचपी) के अलावा डेल टेक्नोलॉजीज, आसुस (Asus), ऐसर (Acer) और लेनोवो (Lenovo) शामिल हैं। ये कंपनियां लैपटॉप और दूसरे प्रॉडक्ट्स भी बनाएंगी।
पीएलआई स्कीम के तहत आवेदन करने वाली कंपनियों में फॉक्सकॉन (Foxconn) भी शामिल है। हालाँकि, अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनी ऐप्पल (Apple) ने पीएलआई योजना के लिए अपना नाम दाखिल नहीं किया है।
लैपटॉप के अलावा और किन प्रोडक्ट्स पर फोकस
आईटी मंत्री के अनुसार हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना के तहत, भारत में बनाए जाने वाले लैपटॉप पर खास ध्यान दिया जाएगा, जबकि टैबलेट, एआईओ पीसी सर्वर और अल्ट्रा-स्मॉल फॉर्म फैक्टर डिवाइस को भी कवर किया जाएगा।
2430 करोड़ के निवेश की उम्मीद
इस योजना के तहत 3.35 लाख करोड़ रुपये के इंक्रीमेंटल प्रोडक्शन और 2,430 करोड़ रुपये के इंक्रीमेंटल निवेश की उम्मीद है। वहीं 75,000 नए रोजगार भी जनरेट हो सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एक नोटिफिकेशन जारी की थी, जिसमे लैपटॉप्स, टैबलेट्स और पर्सनल कंप्यूटर्स के आयात पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी गई थी।
