नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) मार्केट में आज भारी गिरावट देखी जा रही है और इस गिरावट का आलम कुछ इस प्रकार है कि ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी की मार्केट कैप में 1 दिन में $100 अरब से ज्यादा घटकर लगभग 3 महीने के बाद कैप $1 लाख करोड़ के नीचे पहुंच गई है। ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट में पिछले 12 घंटे में 12% की गिरावट भी देखने को मिली है। पिछले 48 घंटे में FTX टोकन 95% टूटा तो वहीं बिटकॉइन (Bitcoin) $18,000 तक फिसला गया।
संकट में क्रिप्टो करेंसी मार्केट
क्रिप्टोकरेंसी में बिकवाली बढ़ने से FTX एक्सचेंज का दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल दिवालिया होने की अफवाह से FTX टोकन की बिकवाली बढ़ी। आपको बता दें कि दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance ने लिक्विडिटी की समस्या से जूझ रहे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज FTX को खरीदने का ऐलान किया। Binance का कहना है कि वे FTX खरीदने के बेहद करीब हैं।

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क्रिप्टो में इतनी गिरावट क्यों?
FTX एक्सचेंज में लिक्विडिटी संकट की रिपोर्ट के चलते क्रिप्टो मार्केट में उथल-पुथल मच गई। बिनांस (Binance) के CEO चांगपेंग झाओ (Changpeng Zhao) ने 8 नवंबर की सुबह ट्वीट कर कहा कि एफटीएक्स (FTX) में लिक्विडिटी एक बड़ा संकट है और इस समस्या को हल करने के लिए FTX द्वारा मदद मांगे जाने के बाद उन्होंने एक नॉन बाइंडिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका मकसद FTX का पूरी तरह से अधिग्रहण करना और लिक्विडिटी के संकट को दूर करना है।
भारतीय निवेशकों का क्या हुआ?
भारतीय निवेशकों ने भी क्रिप्टो बेचना शुरू कर दिया। भारत में भी क्रिप्टोकरेंसी में पैनिक सेलिंग देखने को मिली।अक्टूबर 2021 के बाद से क्रिप्टो ट्रेडिंग में 90-95% की गिरावट दर्ज की गई और भारत में टैक्स नियमों से भी क्रिप्टो में ट्रेड का रुझान कम हुआ है।
