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Budget 2023-24: पुरानी गाड़ी इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं, बजट में वित्त मंत्री ने लगाई मुहर

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Feb 1, 2023, 12:35 PM IST

Union Budget 2023-24 पेश करते हुए वित्त मंत्री Nirmala Sitaraman ने कहा है कि स्क्रैप नीति पर केंद्रा सरकार काम कर रही है ताकि पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सके. राज्य सरकारों को पुराने वाने बदलने के लिए केंद्रा से मदद मिलेगी.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को सड़क से हटाने का ऐलान कर दिया है.

Photo : ET Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • पुराने वाहनों की अब खैर नहीं
  • स्क्रैप नीति पर सरकार की मुहर
  • राज्य सरकारों की मदद करेगा केंद्र

Budget 2023 Scrappage Policy: बजट 2023-24 संसद में पेश किया जा रहा है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को सड़क से हटाने का ऐलान कर दिया है. लंबे समय से केंद्रा सरकार, खासतौर पर सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्री नितिन गडकरी समय-समय पर इस बारे में जानकारी देते रहे हैं. हाल में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि प्रदूषण फैलाने वाले 9 लाख से ज्यादा सरकारी वाहनों को बदलने का काम सरकार करने वाली है. इसके अलावा 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को भी बंद करने का काम जारी है.

स्क्रैप नीति के लिए कोष मिलेगा

बजट 2023-24 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैप नीति पर सरकार काम कर रही है ताकि पर्यावरण को साफ-सुथरा रखा जा सके. इसके लिए सरकार राज्यों को पुराने वाहन बदलने के लिए सहायता देने का काम भी कर रही है. बता दें कि भारतीय संदर्भ में सबसे ज्यादा प्रदूर्षण फैलाने वाले कारणों में एक पुराने वाहन भी हैं जो भारी प्रदूषण फैलाकर पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वाहनों को कबाड़ बनाने की नीति के लिए पर्याप्त कोष का प्रावधान किया जाएगा.

ग्रीन ईंधन पर होगा फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रीन फ्यूल यानी बायो ईंधन के बारे में बात करते हुए कहा कि जीवाश्म ईंधन यानी फॉसिल फ्यूल के इस्तेमाल को बड़ी संख्या में घटाना होगा, इसके अलावा ग्रीन फ्यूल पर भी सरकार का फोकस होगा जिसमें ईथेनॉल से लेकर हाइड्रोजन फ्यूल शामिल हैं. गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल पर जोर डाल रहे हैं, उनकी मानें तो सिर्फ कच्चे तेल के आयात को कम करने से कई लाख करोड़ रुपये का खर्च बचाया जा सकता है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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