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Chandra Grahan 2024: 15 दिसंबर को चंद्र ग्रहण है या नहीं? तुरंत दूर करें कन्फ्यूजन

15 December 2024 Ko Kya Hai Chandra Grahan, Surya Grahan Or Full Moon Night: जैसा कि हम सभी जानते हैं कि चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन ही लगता है तो वहीं सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन। 15 दिसंबर को पूर्णिमा है तो क्या इस दिन भी चंद्र ग्रहण लग रहा है? चलिए जानते हैं 15 दिसंबर को क्या है।

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15 December 2024 Ko Kya Hai

15 December 2024 Chandra Grahan Hai Kya: 15 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। इस दिन आप पूर्ण चांद का दीदार करेंगे। लेकिन इस दिन न तो चंद्र ग्रहण लग रहा है और न ही सूर्य ग्रहण। बता दें साल में कुल 12 पूर्णिमा होती है लेकिन हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगे ऐसा जरूरी नहीं है। एक साल में 2 से 3 चंद्र ग्रहण होते हैं और 2024 में दो चंद्र ग्रहण थे। जो पहले ही लग चुके हैं। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च को लगा था और तो वहीं दूसरा चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को लगा था। चलिए आपको बताते हैं 15 दिसंबर की पूर्ण चंद्र रात्रि क्यों खास है।

15 दिसंबर को क्या है? (15 December Ko Kya Hai)

15 दिसंबर की पूर्ण चंद्र रात्रि मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहलाएगी। इस पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन कई श्रद्धालु व्रत रख भगवान विष्णु की अराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन स्नान-दान आदि कार्य करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलते हैं। इस साल की मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर साध्य और सिद्ध योग का निर्माण भी हो रहा है। जिस वजह से इस पूर्णिमा का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

15 दिसंबर की पूर्णिमा पर बन रहे शुभ संयोग (15 December Purnima Shubh Yoga)

15 दिसंबर की पूर्णिमा के दिन साध्य और सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। ये दोनों योग बेहद शुभ माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार, साध्य योग में किए गए कार्य पूर्ण होते हैं। तो वहीं सिद्ध योग को नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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