Turkey Earthquake : भूकंप के बाद तुर्की और सीरिया में चारो तरफ तबाही का मंजर है। इस भीषण भूकंप में अब तक नौ हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और लाखों की संख्या में लोग बेघर हो गए हैं। जमींदोज हुई इमारतों के मलबे से शव निकाले जा रहे हैं। समय के बीतने के साथ ही मलबे में लोगों के जिंदा होने की उम्मीद कम होती जा रही है। हालांकि, मलबे में दबे एवं फंसे लोगों को जीवित बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। संकट एवं आपदा की इस घड़ी में तुर्की एवं सीरिया की मदद करने के लिए दुनिया के देश आगे आए हैं। भारत भी मानवीय एवं चिकित्सकीय सहायता एवं राहत सामग्री दोनों देशों को भेज चुका है।
चौथी बार राहत एवं सामग्री लेकर तुर्की पहुंचा सी-17
बुधवार को भारतीय वायु सेना का परिवहन विमान सी-17 चौथी बार राहत एवं सामग्री लेकर अदाना पहुंचा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'मेडिकल उपकरणों एवं स्टॉफ के साथ आईएएफ का चौथा विमान तुर्की के लिए रवाना हुआ। इसमें भारतीय सेना के चिकित्सा टीम के 54 सदस्य शामिल हैं। चिकित्सा टीम के लोग उपकरणों की मदद से यहां केंद्र स्थापित करेंगे।' भारत तुर्की के लिए लगातार मानवीय मदद एवं राहत सामग्री भेज रहा है।
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मानवीय मदद के लिए भारत हमेशा आगे
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मानवीय मदद के लिए कदम उठाने में भारत हमेशा आगे रहता है। भू-राजनीतिक स्थितियां चाहे जो भी हों वह 'वसुधैव कुटुंबकम' की अपनी नीति पर चलता है। जयशंकर ने कहा कि भू-राजनीत में स्थितियां ऊपर-नीचे होती रहती हैं। फिर भी देशों के साथ भारत के संबंध स्थिर हैं।
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