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गुवाहाटी रेलवे स्टेशन और गौहाटी विश्वविद्यालय में बम ब्लास्ट की धमकी, ईमेल में दहशतगर्दों ने लिखी ये बात

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन और गौहाटी विश्वविद्यालय परिसर में सात स्थानों पर बम रखे होने की धमकी मिली।

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गुवाहाटी रेलवे स्टेशन और गौहाटी विश्वविद्यालय में बम ब्लास्ट की धमकी, ईमेल में दहशतगर्दों ने लिखी ये बात

गुवाहाटी: असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन और गौहाटी विश्वविद्यालय परिसर में सात स्थानों पर बृहस्पतिवार को बम रखे होने की धमकी मिली। गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त दिगंत बराह ने बताया कि शिलांग में मेघालय पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर बम रखे होने की आशंका है। उन्होंने बताया, “जानकारी मिलने के बाद हमने मेघालय पुलिस के साथ मामले की जांच शुरू की और स्टेशन पर एहतियाती कदम भी उठाए। हमें अब तक ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली है।

आरपीएफ ने चलाया अभियान

गुवाहाटी पुलिस, राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा संयुक्त रूप से स्टेशन पर खोज अभियान चलाया गया। बराह ने बताया कि असम पुलिस को एक ईमेल भी मिला, जिसमें दावा किया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में सात स्थानों पर बम रखे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस आशंका के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाये। हम मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

अधिकारी ने बताया कि इस बीच पुलिस ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा टीम के साथ मिलकर परिसर की तलाशी ली, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला है। यह पूछे जाने पर कि क्या ईमेल और फोन पर दी गयी जानकारी का संबंध उल्फा (आई) जैसे किसी प्रतिबंधित संगठन से है, अधिकारी ने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया। बराह ने बताया कि जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है। हम इस समय और कुछ नहीं बता सकते।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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