चण्डीगढ़

Punjab-Haryana Cold Wave: हरियाणा-पंजाब में ठंड ने मचाई हाय तौबा, तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस; सर्द रातें जीना करेंगी हराम

Punjab-Haryana Weather: हरियाणा और पंजाब में सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में कमी आने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।

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Punjab-Haryana Cold Wave: हरियाणा-पंजाब में ठंड ने मचाई हाय तौबा, तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस; सर्द रातें जीना करेंगी हराम

Punjab-Haryana Weather: हरियाणा के हिसार में बृहस्पतिवार को पारा गिरकर 1.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जिससे कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य पंजाब के कई हिस्से भी भयंकर ठंड की चपेट में हैं । मौसम विभाग की दैनिक मौसम रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा के अन्य स्थानों के अलावा करनाल में भी सर्दी जारी है, जहां न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां कितनी सर्दी

प्रदेश के अन्य स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों के अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 19-22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। रोहतक में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस, सिरसा में चार डिग्री सेल्सियस जबकि अंबाला में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चंडीगढ़ में भी रात ठंडी

हरियाणा एवं पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी रात ठंडी रही और तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के फरीदकोट में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस, पठानकोट में 4.3 डिग्री सेल्सियस, बठिंडा में 4.6 डिग्री सेल्सियस और पटियाला में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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