आमतौर पर किसी भी देश के संसद का माहौल काफी गंभीर और शांत होता है। जहां देश से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होती है लेकिन हाल ही में नॉर्वे की संसद में कुछ ऐसा हुआ, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। फिलहाल इसका वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नॉर्वे के सांसद संसद के अंदर “वाइकिंग रो” (Viking Row) करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सांसदों ने ऐसा अपनी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को सपोर्ट करने के लिए किया था।
सांसदों ने अपनी राष्ट्रीय टीम को कुछ इस अंदाज में किया सपोर्ट
वायरल हो रहे इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि संसद की बैठक के दौरान अचानक सांसद अपनी सीट पर बैठकर एक साथ झूमने लगते हैं। वे ऐसे मूवमेंट करते हैं जैसे नाव चला रहे हों, जिसे “वाइकिंग रो” कहा जाता है। यह नॉर्वे के फुटबॉल फैंस का एक लोकप्रिय तरीका है, जिससे वे अपनी टीम का हौसला बढ़ाते हैं। फीफा वर्ल्ड कप में नॉर्वे के मैच के दौरान भी स्टेडियम में बैठे दर्शक कुछ इसी अंदाज में ही अपनी टीम को सपोर्ट करते नजर आए थे। उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
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वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा वायरल
इस वायरल वीडियो को सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया है। हमने यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट @foxsoccer नाम के अकाउंट से लिया है। जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने लाइक किया है। वीडियो को लेकर बताया गया है कि इस पूरे आयोजन की अगुवाई नॉर्वे की संसद के अध्यक्ष मसूद घराहखानी कर रहे थे। उनके इशारे पर सभी सांसद एक साथ तालमेल में “वाइकिंग रो” करते हुए जोरदार तरीके से अपनी टीम के लिए चीयर कर नजर आए।
लोगों को काफी पसंद आया सांसदों के चीयर करने का यह तरीका
सोशल मीडिया पर यह वीडियो इसलिए भी काफी तेजी से वायरल हो रहा है क्योंकि संसद जैसी औपचारिक जगह पर इस तरह का उत्साह बहुत ही कम देखने को मिलता है। सांसदों का यह अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को बहुत पसंद आया। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को देखने के बाद लोग इस पर अपनी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि संसदों द्वारा किया गया यह काम अपने देश के लिए सच्चा प्यार दिखाता है। वहीं कुछ लोग इसे टीम सपोर्ट करने का अब तक का सबसे खूबसूरत तरीका बता रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
