Long-Range Attack Drone KAL: नोएडा स्थित IG Defence ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपने KAL लॉन्ग-रेंज वन-वे अटैक ड्रोन का फ्लाइट टेस्ट पूरा किया है। कंपनी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक, ट्रायल के दौरान KAL ड्रोन को वाहन पर लगे लॉन्च प्लेटफॉर्म से उड़ाया गया। इस परीक्षण में ड्रोन के एयरफ्रेम, प्रोपल्शन, एवियोनिक्स, नेविगेशन और मिशन सिस्टम के एकीकरण की जांच की गई।
अधिकतम रेंज 1,000 किलोमीटर तक, और क्या-क्या खासियतें?
कंपनी के अनुसार, KAL की अधिकतम रेंज 1,000 किलोमीटर तक, उड़ान क्षमता 7 से 8 घंटे और पेलोड क्षमता 50 किलोग्राम तक है। यह ड्रोन समुद्र तल से 5,000 मीटर तक की ऊंचाई पर ऑपरेट कर सकता है। KAL में मल्टी-बैंड ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह ड्रोन स्वायत्त तरीके से उड़ान भर सकता है।
KAL को वन-वे मिशन के लिए डिजाइन किया गया है। यानी तय लक्ष्य पर हमला करने के बाद इसे वापस लौटने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। कंपनी के मुताबिक, ऑपरेशनल मंजूरी मिलने पर इसे रडार इंस्टॉलेशन, एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाने के लिए कॉन्फिगर किया जा सकता है। IG Defence के फाउंडर और CEO बोधिसत्व संघप्रिय ने कहा कि हालिया संघर्षों ने लंबी दूरी तक हमला करने वाले वन-वे ड्रोन की बढ़ती उपयोगिता को दिखाया है। उनके मुताबिक, KAL को लंबी दूरी की उड़ान, ऑटोनॉमस ऑपरेशन, पेलोड क्षमता और बड़े पैमाने पर घरेलू उत्पादन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
Dronathon के कुछ दिन बाद KAL का टेस्ट
KAL का फ्लाइट टेस्ट ऐसे समय में हुआ है, जब भारतीय वायुसेना ने 14 से 16 सितंबर के बीच पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पहला Dronathon आयोजित किया था। इस दौरान 20 से ज्यादा स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरर्स, MSMEs और अकादमिक टीमों ने रेगिस्तानी परिस्थितियों में ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीकों का प्रदर्शन किया था। इसी कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना ने UAS रोडमैप भी जारी किया था, जिसमें भविष्य में मानवरहित प्रणालियों को लेकर आवश्यकताओं का खाका पेश किया गया।
IG Defence ने Dronathon में अपना T-SHUL BEAM काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी प्रदर्शित किया था। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया है कि KAL का फ्लाइट टेस्ट इसी कार्यक्रम का हिस्सा था या नहीं।
IG Defence के मुताबिक, KAL को उसके GRID बैटल मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म ड्रोन, सेंसर और कमांड सिस्टम से मिलने वाली जानकारी को एक साथ इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी पहले कह चुकी है कि खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों ने KAL में रुचि दिखाई है
