वायरल न्यूज़

देश में ऐसी जगह जहां दुकानों पर नहीं होते दुकानदार, सामान लेकर पैसे रख जाते हैं कस्टमर

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 5, 2022, 11:16 PM IST

आज हम आपको देश की एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे, जहां दुकानों में कोई दुकानदार नहीं होता है। वहां के लोग इतने ईमानदार हैं कि दुकान में जाकर खुद से सामान लेते हैं और खुद ही पैसे रख कर जाते हैं। ये दुकानें 'विश्वास के सिंद्धांत' पर चलती हैं।

Image

मिजोरम की दुकान

लोग अपनी दुकानों में सामान चोरी होने से बचाने के लिए आजकल सीसीटीवी कैमरे लगवाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, कई लोग तो दुकान की देखभाल के लिए अलग से सुरक्षाकर्मी रखते हैं। लोगों को अपनी दुकानों में चोरी होने का डर सताता है। दूसरी तरफ, हमारे देश में ही एक ऐसी जगह है। जहां पर दुकानें बिना दुकानदार के चलती हैं। क्या हुआ! चौंक गए न आप। जी हां, यह एकदम सच है। भारत में एक ऐसी जगह है, जहां दुकानों में कोई भी दुकानदार नहीं होता है।

इस जगह के लोग इतने ईमानदार हैं कि दुकान में जाकर खुद सामान लेते हैं और खुद ही पैसे रख जाते हैं। ये दुकानें विश्वास के सिंद्धांत पर काम करती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि भारत में ऐसी कौन की जगह है तो आपको बता दें कि यह जगह नॉर्थ ईस्ट राज्य मिजोरम में है। मिजोरम की राजधानी आइजोल से कुछ दूर एक शहर 'सेलिंग' है। इस शहर में दुकानें बिना दुकानदार की चलती हैं। आपको शहर के हाईवे पर सैकड़ों दुकानें मिल जाएंगी, जो बिना दुकानदारों के ही होती हैं। स्थानीय भाषा में इसे Nghah Loh Dawr Culture of Mizoram कहते हैं। इसका मतलब हुआ 'बिना दुकानदार की दुकान।' यदि कोई इन दुकानों से कुछ सामान लेना चाहे तो अपने आप जाकर सामान लेकर पैसे वहीं पर रखे बॉक्स में रख देता है।

विश्वास के सिद्धांत पर चलती हैं दुकानें

दुकानों मे फल, छोटी मछलियां, सब्जियां, फलों के रस आदि मिलते हैं। दुकान में हर सामान के पास उसका सही मूल्य लिख होता है। साथ ही पास में कोई डिपॉजिट बॉक्स अथवा कोई कटोरी रखी होती है। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से वहां से सामान उठाते हैं और बॉक्स में सही दाम रखकर बाकी पैसे वापस ले लेते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि वहां यह अजीबोगरीब परंपरा क्यों निभाई जाती है? बता दें कि इन दुकानों को चलाने वाले ज्यादातर गरीब किसान होते हैं। वह अपना गुजारा करने के लिए खेती पर निर्भर होते हैं। इसलिए उनके पास इतना टाइम नहीं होता कि वह दुकान पर बैठ सकें। साथ ही नौकर रखने की उनकी हैसियत नहीं होती। इसलिए दुकान रखकर वह खेतों में काम करने चले जाते हैं। फिर ग्राहक आते हैं, सामान लेते हैं और पैसे रखकर जाते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दुकानों से पैसे कभी चोरी नहीं होते हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

और पढ़ें
End of Article