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अंडे में भी होती है मिलावट, इन तरीकों से करें असली-नकली की पहचान?

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 5, 2022, 01:37 PM IST

How To Identify Real And Fake Eggs: जानकारी के मुताबिक कैल्शियम कार्बोनेट, पैराफिन मोम और जिप्सम पाउडर के साथ नकली अंडे के छिलके बनाए जा रहे हैं। जबकि अंडे की जर्दी और अंडे का सफेद भाग सोडियम एल्गिनेट, फिटकरी, जिलेटिन, खाद्य कैल्शियम क्लोराइड, बेंजोइक एसिड, पानी और खाद्य रंग से बनाया जा रहा है।

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अंडे में भी होती है मिलावट।

Photo : iStock

How To Identify Real And Fake Eggs: मिलावट के दौर में करीब-करीब हर एक चीज में मिलावट की खबरें सामने आ रही हैं। आज हम बात करें है अंडे (Egg) की। अंडा छोटे बच्चे से लेकर बड़े लोग खाते हैं। अंडे खाना स्वास्थ्य (Health) के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है, सोचिए जरा कि अगर उसमें भी मिलावट होने लगे तो ये इंसान (Human) के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (Harmful) है। मिलावटी अंडे खाने से आप बीमार (Sick) होने के साथ आपकी मौत भी हो सकती है।

इसलिए ये बहुत महत्वपूर्ण है कि असली अंडों की पहचान कैसे की जाती है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप आसानी से नकली और असली अंडे को पहचान सकते हैं।

ऐसे करें असली-नकली की पहचान:-

  1. नकली अंडों का खोल असली अंडे से ज्यादा चमकदार होता है।
  2. नकली अंडे असली अंडे की तुलना में मोटे होंगे।
  3. अंडे को तोड़ने से पहले उसे हिलाएं। अगर आप खोल के अंदर कुछ आवाजें (पानी का बहना) सुनते हैं, तो ये नकली है।
  4. अंडे को इतना हल्का थपथपाएं कि वह टूटे नहीं। अगर अंडा असली है तो आवाज ज्यादा कुरकुरी होगी।
  5. अगर अंडा नकली है तो अंडे की जर्दी और सफेदी जैसे ही आप इसे तोड़ेंगे, एक साथ मिल जाएंगे।
  6. असली अंडे कच्चे मांस की तरह महकते हैं जबकि नकली अंडे बिल्कुल नहीं।
  7. नकली अंडे चींटियों और मक्खियों जैसे कीड़ों को आकर्षित नहीं करते हैं, जबकि असली अंडे में ऐसा होता है।
  8. असली और नकली अंडे के यॉक में भी काफी अंतर देखने को मिलता है। असली अंडे को फोड़ने के बाद इसका पीला भाग नॉर्मल होता है।

जानकारी के मुताबिक कैल्शियम कार्बोनेट, पैराफिन मोम और जिप्सम पाउडर के साथ नकली अंडे के छिलके बनाए जा रहे हैं। जबकि अंडे की जर्दी और अंडे का सफेद भाग सोडियम एल्गिनेट, फिटकरी, जिलेटिन, खाद्य कैल्शियम क्लोराइड, बेंजोइक एसिड, पानी और खाद्य रंग से बनाया जा रहा है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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