Happy Gita Jayanti 2024 Hindi Wishes, Messages, Greeting, Quotes, Status, Gita Jayanti Ki Hardik Shubhkamnaye Sandesh: श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए आज का दिन बेहद खास है। जी हां, आज गीता जयंती है। हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी को ये त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। कहते हैं कि इसी दिन श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। इस दिन मंदिर में पूजा-पाठ होती है तो वहीं, कृष्ण के भक्त नृत्य कर इसे किसी त्योहार की तरह मनाते हैं। इस दिन एक दूसरे को बधाईयां भी दी जाती हैं। अगर आप भी कन्हैया के भक्त हैं तो आपको गीता जयंती के दिन अपने दोस्त, सखी और रिश्तेदारों को इसकी शुभकामनाएं जरूर देनी चाहिए। आज हम यहां आपके लिए खास गीता जयंती के बधाई संदेश, हिंदी कोट्स, ग्रीटिंग्स, मैसेज (Gita Jayanti Hindi Message) और फोटोज लेकर आए हैं।
1) कर्म करना तो तुम्हारा अधिकार है,
लेकिन उसके फल पर कभी नहीं,
कर्म को फल की इच्छा से कभी मत करो,
तथा तेरा कर्म ना करने में भी कोई आसक्ति न हो,
गीता जयंती की शुभकामनाएं
2) शस्त्र इस आत्मा को काट नहीं सकते,
अग्नि इसको जला नहीं सकती,
जल इसको गीला नहीं कर सकता और
वायु इसे सुखा नहीं सकती।
गीता जयंती की शुभकामनाएं
3) न यह शरीर तुम्हारा है,
न तुम शरीर के हो,
यह अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी,
आकाश से बना है,
और इसी में मिल जाएगा।
शुभ गीता जयंती
Gita Jayanti Ki Hardik Shubhkamnaye Sandesh Hindi Mein -
4) जो कुछ भी तू करता है,उसे भगवान के अर्पण करता चल,
ऐसा करने से सदा जीवन-मुक्त का,
आनंद अनुभव करेगा।
गीता जयंती की शुभकामनाएं
5) श्रेष्ठ पुरुष जो-जो काम करते हैं,
दूसरे मनुष्य भी वैसा ही काम करते हैं,
श्रेष्ठ पुरुष जो प्रमाण या उदाहरण प्रस्तुत करता है,
समस्त मानव-समुदाय उसी का अनुसरण करने लग जाते हैं।
शुभ गीता जयंती
6) वस्तुओं के बारे में सोचते रहने से मनुष्य,
को उनसे आसक्ति हो जाती है,
इससे उनमें कामना यानी इच्छा पैदा होती है,
और कामनाओं में विघ्न आने से क्रोध की उत्पत्ति होती है।
शुभ गीता जयंती
7) क्यों व्यर्थ की चिंता करते हो?
किससे व्यर्थ डरते हो?
कौन तुम्हें मार सक्ता है?
आत्मा न पैदा होती है,
न मरती है।
गीता जयंती की शुभकामनाएं
Gita Jayanti Wishes In Hindi, Gita Ka Gyan
8) जो बीत गया उस पर दुख क्यों करना
जो है उस पर अहंकार क्यों करना,
जो आने वाला है, उसका मोह क्यों करना।
गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं
9) क्रोध से मनुष्य की मति मारी जाती है,
जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है,
स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है,
और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है।
शुभ गीता जयंती
10) श्रद्धा रखने वाले मनुष्य,
अपनी इन्द्रियों पर संयम रखने वाले मनुष्य,
साधनपारायण हो अपनी तत्परता से ज्ञान प्राप्त कते हैं,
फिर ज्ञान मिल जाने पर जल्द ही परम-शान्ति को प्राप्त होते हैं।
गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं
