सौराष्ट्र टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज अर्पित वसावडा ने तीन साल पहले बंगाल की रणजी ट्रॉफी जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था और शुकवार को वह फिर से यहां इस सत्र के फाइनल के दूसरे दिन नाबाद 81 रन की पारी खेलकर यही भूमिका निभा रहे है, जिससे सौराष्ट्र की टीम अपने दूसरे खिताब के करीब बढ़ रही है। सौराष्ट्र के उप कप्तान ने राजकोट में 2020 फाइनल में 106 रन की पारी खेलकर मैच विजयी पहली पारी की बढ़त दिला थी और एक बार फिर उन्होंने बंगाल के लिए मुश्किल खड़ी की। वसावड़ा ने शेल्डन जैक्सन (59 रन) और चिराग जानी (नाबाद 57 रन) के साथ दो अहम साझेदारियां निभा ली हैं। वसावडा और जानी के बीच 113 रन की नाबाद भागीदारी ने सौराष्ट्र को पहली पारी में 143 रन की बढ़त बनाने में मदद की।
बंगाल की टीम 174 रन पर सिमटी
बंगाल की टीम पहली पारी 174 रन पर सिमट गई और इसके जवाब में सौराष्ट्र की टीम दूसरे दिन स्टंप तक पांच विकेट गंवाकर 317 रन बना चुकी थी। सेमीफाइनल में कर्नाटक के खिलाफ मैच विजयी दोहरा शतक जड़ने वाले वसावड़ा ने इसी फॉर्म को जारी रखते हुए 155 गेंद की नाबाद पारी के दौरान 11 चौके जड़े। जानी भी 10 बार गेंद सीमारेखा के पार कर चुके हैं, जिससे दोनों ने अंतिम सत्र में दबदबा बनाए रखा।
बंगाल के तेज गेंदबाजों ने किया निराश
बंगाल के तेज गेंदबाजी ने काफी निराश किया। टीम को सुबह के सत्र में पहला विकेट झटकने में 46 मिनट लगे। तब तक सलामी बल्लेबाज हार्विद देसाई (50 रन) ने चेतन सकारिया (8 रन) के साथ खेलते हुए अपना 12वां अर्धशतक पूरा किया। मुकेश कुमार ने देसाई को आउट किया और आठ रन बाद ईशान पोरेल ने सकारिया को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद बाएं हाथ के बल्लेबाज वसावडा ने जैक्सन के साथ मिलर 95 रन की भागीदारी निभाकर शिकंजा कसना शुरू किया, जिससे वे बंगाल के 174 रन के स्कोर से आगे निकल गए। अनुभवी जैक्सन अपना 35वां अर्धशतक पूरा करने के बाद अपना विकेट भेंट में दे बैठे। पोरेल की गेंद को पुल करने के प्रयास में फाइन लेग में कैच देकर पवेलियन पहुंचे, पर फिर जानी ने बंगाल की मुश्किल बढ़ाने में वसावडा का अच्छा साथ दिया और नाबाद शतकीय साझेदारी से अपनी टीम का लगभग दूसरा रणजी खिताब पक्का कर दिया। जानी ने 26 रन पर मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और 72 गेंद में अपना 13वां प्रथम श्रेणी अर्धशतक जमाया।
