राजकोट: टीम इंडिया के धाकड़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ 500 टेस्ट विकेट पूरे किए। लेकिन देर रात उनके राजकोट टेस्ट पारिवारिक कारणों से हटने की बीसीसीआई ने पुष्टि कर दी। ऐसे में हर कोई यह जानना चाहता है कि अश्विन के अचानक टीम इंडिया को बीच मझधार में छोड़कर चेन्नई जाने की वजह क्या है?
लेकिन बीसीसीआई के अश्विन के राजकोट टेस्ट से पारिवारिक इमरजेंसी की वजह से हटने के ऐलान के कुछ ही देर बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उनकी मां की तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि कर दी। अश्विन की मां चेतना को अचानक तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ट्वीट करके कहा, अश्विन की मां के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करना करता हूं। वो इसी वजह से राजकोट टेस्ट छोड़कर अपनी मां से मिलने चेन्नई रवाना हो गए हैं।
प्रशंसक कर रहे हैं मां की सलामती की दुआ
अश्विन की मां को क्या हुआ है, उनकी तबीयत कैसी है, वो चेन्नई के किस अस्पताल में भर्ती है इसकी पुष्टि फिलहाल खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। अश्विन के प्रशंसक उनकी मां के जल्द ठीक होने की दुआ सोशल मीडिया पर लगातार कर रहे हैं।
मां की अश्विन को क्रिकेटर बनाने में है अहम भूमिका
अश्विन को क्रिकेटर बनाने में उनकी मां की भूमिका बेहद अहम रही है। बचपन से अश्विन को क्रिकेट कोचिंग मां ने दिलाई। बचपन से मां ने अश्विन के हर मैच में प्रदर्शन का हिसाब-किताब अपन नोटबुक में रखा। वो नेट्स में भी अश्विन के हर दिन के प्रदर्शन के बारे में नोट्स रखती थीं। कोच की दी हर सलाह भी उनकी नोटबुक में दर्ज मां चित्रा करती थीं। शुरुआत में अश्विन तेज गेंदबाजी करते थे लेकिन अश्निन की मां ने उन्हें बताया कि तेज गेंदबाजी के लिए उनका लंबा रन अप अच्छा नहीं लगता है। ये ऊर्जा का नुकसान है। इसके बाद चित्रा ने बेटे अश्विन को स्पिन गेंदबाजी करने की सलाह दी और तब से उन्होंने स्पिन गेंदबाजी पर ध्यान देना शुरू किया।
