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रिमोट ब्लास्ट नहीं था उदयपुर रेलवे ट्रैक धमाका, इमल्शन का किया था इस्तेमाल, NIA ने किया खुलासा

  • Authored by: मोहित ओम
  • Updated Nov 15, 2022, 10:53 AM IST

Udaipur railway track blast : राजस्थान में उदयपुर के पास एक रेलवे पुल पर पटरी पर हुए विस्फोट की जांच राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस-एसओजी) से करवाई जाएगी। NIA सूत्रों के मुताबिक डेढ़ किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।

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उदयपुर रेलवे ट्रैक धमाके में नया खुलासा

Photo : Times Now Digital

Udaipur railway track blast : NIA सूत्रों के मुताबिक उदयपुर रेलवे ट्रैक धमाके में डेढ़ किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोटक का नाम इमल्शन था। इस धमाके में लोकल ब्लास्ट किट का इस्तेमाल किया गया था जिसे बैटरी द्वारा संचालित किया गया था, यह रिमोट ब्लास्ट नहीं था क्योंकि जांच एजेंसियों को अभी इसमें कोई पावर प्वॉइंट नहीं मिला है।

जांच एजेंसियों को ब्लास्ट किट में अभी तक कोई इलेक्ट्रिक मेथड नहीं मिला है। सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक जांच में यह भी बात सामने आई है कि लोकल क्रिमिनल की मदद ली गई थी यह ब्लास्ट किट को तैयार करने में। जिस तरीके के सबूत हैं और यह ब्लास्ट किट तैयार की गई है उससे इस बात की पूरी संभावना है इस किट को कैसे तैयार करना था उसके निर्देश लोकल लोगों को बराबर किसी एक्सपर्ट हैंडलर से बराबर मिल रहे थे, यह हैंडलर बाहरी मुल्कों के भी हों।

शुरुआती जांच केंद्रीय एजेंसियों के इस बात की ओर भी इशारा कर रही है कि धमाके का मकसद रेलवे ट्रैक को ही नुकसान पहुंचाना था जिससे ट्रेन आवाजाही में गतिरोध पैदा हो या फिर ट्रैक टूटने की वजह से ट्रेन ऐक्सीडेंट हो। ब्लास्ट किट फिट करने में ली गई थी स्थानीय लोगों की मदद, मतलब बलास्ट को लोकल नेटवर्क की मदद से अंजाम दिया गया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार देर रात सीनियप अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग में फैसला लिया कि इसकी जांच एटीएस-एसओजी से कराई जाएगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस-एसओजी) अशोक राठौड़ के नेतृत्व में एक टीम घटना की जांच करने के लिए मंगलवार को उदयपुर पहुंचेगी।

गौर हो कि ओड़ा रेलवे पुल पर उदयपुर-अहमदाबाद को जोड़ने वाले रेलवे ट्रैक पर शनिवार-रविवार की रात को विस्फोट हुआ था। ओड़ा रेलवे पुलिस उदयपुर के जावर माइंस पुलिस थाना क्षेत्र में आता है। स्थानीय लोगों ने देर रात विस्फोट की आवाज सुनी थी। दो युवक रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे थे और उन्हें विस्फोटक व क्षतिग्रस्त ट्रैक दिखा था, जिसके बाद उन्होंने रेलवे अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया।

यह रेल लाइन 31 अक्टूबर को शुरू की गई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में असावरा रेलवे स्टेशन से असावरा-उदयपुर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। सोमवार को क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर इस लाइन पर रेल परिचालन बहाल कर दिया गया था।

मोहित ओम
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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