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संभल मुद्दे पर सीएम योगी का विपक्ष पर निशाना, बोले- 46 साल पहले नरसंहार करने वालों को आज तक नहीं मिली सजा

योगी आदित्यनाथ ने रविवार को किसी का नाम लिए बिना विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने संभल में शनिवार प्रशासन के सर्च अभियान के दौरान मिले कई साल से बंद प्राचीन मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि संभल में इन्‍हीं के समय में आज से 46 साल पहले जिस मंदिर को बंद कर दिया गया था, वो मंदिर सबके सामने आ गया।

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संभल विवाद को लेकर सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को किसी का नाम लिए बिना विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने संभल में शनिवार प्रशासन के सर्च अभियान के दौरान मिले कई साल से बंद प्राचीन मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि संभल में इन्‍हीं के समय में आज से 46 साल पहले जिस मंदिर को बंद कर दिया गया था, वो मंदिर सबके सामने आ गया। इनकी मानसिकता को सबके सामने प्रदर्शित कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्षी दलों को जमकर घेरा। योगी ने कहा कि क्‍या संभल में वो प्राचीन मंदिर रातोंरात प्रशासन ने बना दिया? क्‍या वहां बजरंग बली की इतनी प्राचीन मूर्ति रातों-रात आ गई। क्‍या वहां पर जो ज्योर्तिलिंग निकला है, क्‍या ये आस्‍था नहीं थी, क्‍या कसूर था उनका? जो भी उस सच को बोलेगा उसे धमकी दी जाएगी, मुंह बंद कराने का प्रयास होगा। इसलिए कुंभ के बारे में भी ये लोग इसी प्रकार के दुष्‍प्रचार को आगे लेकर बढ़ने का प्रयास करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि उन दरिंदों को आज तक सजा क्यों नहीं मिली जिन्‍होंने 46 वर्ष पहले संभल में नरसंहार किया था?

संविधान में चोरी से सेकुलर शब्‍द डालने वाले लोग घर में शोक मना रहे हैं- सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का फैसला नहीं आता तो क्या राम मंदिर का निर्माण हो पाता। अयोध्या में एयरपोर्ट बन पाता? वहां इतनी अच्छी कनेक्टिविटी हो सकती थी? यहां की गालियां फोरलेन की बन पाती? यहां का रेलवे डबल लाइन से जुड़ पाती? आम जनमानस खुश है। हर व्यक्ति प्रफुल्लित है। आने वाला श्रद्धालु कृतज्ञता व्यक्त करता है। लेकिन देश के संविधान का वास्‍तव में गला घोंटकर, संविधान में चोरी से सेकुलर शब्‍द डालने वाले लोग आज अपने घर में शोक मना रहे हैं। उन्‍हें परेशानी है कि काशी विश्‍वनाथ धाम का कायाकल्प कैसे हो गया। अयोध्या के विकास को लेकर उन्‍हें परेशानी है कि अयोध्‍या में राम मंदिर कैसे बन गया और अयोध्‍या इतनी दिव्‍य और भव्‍य कैसे हो गई।

योगी ने कहा कि उन्हें परेशानी इस बात की है कि दशकों तक शासन किया लेकिन कुछ नहीं कर पाए। अपने निकम्‍मेपन पर हम लोगों को कोस रहे हैं। हम सबको इनकी इस मानसिकता को देखना होगा। ये कितना भी राग अलापें, कल संसद में चर्चा संविधान पर हो रही थी लेकिन मुद्दा संभल का उठ रहा था। ज्ञात हो कि यूपी के संभल में बिजली चोरी के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला दीपा सराय से सटे खग्गू सराय में स्थित एक मंदिर पर लटके ताले को देख अभियान का नेतृत्व कर रहे डीएम एसपी रुके और ताला खुलवा कर देखा तो उसमें मंदिर नजर आया। लोगों ने बताया कि यह मंदिर कई साल से बंद पड़ा है। पुराने शिव मंदिर को डीएम एसपी ने खुलवा दिया है। इसको लेकर शहर ही नहीं, जिले भर में हलचल है। लोगों ने उसकी साफ सफाई कर पूजा अर्चना शुरू कर दी है। यहां एक कुआं भी मिला है। जिसका अतिक्रमण भी प्रशासन ने हटा दिया है। इसके जीर्णोद्धार की बात कही जा रही है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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