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सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है कान का दर्द, महसूस होने लगता है बहरापन, डॉक्टर ने बताई हैरान कर देने वाली वजह

Sardi Ki Vajah Se Kan Me Dard: क्या ठंड बढ़ने के साथ आपको भी कान का दर्द सताने और सुनाई भी कम देने लगता है? तो आपको बता दें कि इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि अगर आप कुछ सरल टिप्स को फॉलो करें तो आसानी से इस तरह की समस्याओं से बच सकते हैं।

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What Causes Ear Pain In Winter In Hindi

Sardi Ki Vajah Se Kan Me Dard: ठंड का मौसम में अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। इसलिए इस दौरान लोगों को अपने स्वास्थ्य का बहुत अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। बहुत से लोगों के साथ यह देखने को मिलता है कि जैसे-जैसे मौसम का तापमान अधिक गिरने लगता है, उन्हें सर्दियों में कान का दर्द परेशान करता है। सिर्फ इतना ही नहीं कुछ लोगों तो इसकी वजह से सुनने में भी परेशानी होती है। उन्हें कम सुनाई देने लगता है और बहरेपन जैसी स्थितियां भी महसूस होती हैं। लेकिन मौसम सामान्य होने के बाद यह समस्याएं आसानी से ठीक भी हो जाती हैं।

ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है? आपके सवालों का जवाब, समस्या के कारण और इससे बचाव के तरीके जानने के लिए हमने डॉ. शुभि त्यागी से बात की, जो शारदा हॉस्पिटल और शारदा केयर - हेल्थसिटी के ENT विभाग में अटेंडेंट कंसल्टेंट डॉक्टर हैं। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

सर्दी में कान दर्द क्यों होता है - What Causes Ear Pain In Winter In Hindi

डॉ. शुभि त्यागी के अनुसार, सर्दियों के मौसम में ठंडी हवा और तापमान में गिरावट के कारण शरीर के कई हिस्सों पर असर पड़ता है, जिनमें कान भी शामिल हैं। ठंड के मौसम में अक्सर लोगों को कान में दर्द और सुनने की क्षमता में कमी या बहरेपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति आमतौर पर उन लोगों में अधिक होती है, जिन्हें सर्दी-जुकाम या साइनस की समस्या होती है। ठंडी हवा के संपर्क में आने से कान के अंदर की नसें और मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं, जिससे दर्द और असुविधा उत्पन्न होती है।

सर्दियों में कान दर्द का मुख्य कारण - Main Cause Of Ear Pain In Winter Season In Hindi

डॉ. आगे बताती हैं, कि सर्दियों में कान दर्द का मुख्य कारण ठंडी हवा के संपर्क में आने से कानों में सूजन और उनमें बलगम जमा होना है। जब कान के अंदर दबाव बढ़ जाता है, तो इससे कान में दर्द, भारीपन और कभी-कभी सुनने की क्षमता में कमी या बहरेपन जैसी स्थिति महसूस हो सकती है। इसके अलावा, अगर ठंडी हवा कान के अंदर जाती है, तो इससे कान की नली सिकुड़ जाती है, जो सूजन और दर्द को बढ़ावा देती है। यह स्थिति तब और गंभीर हो सकती है, जब व्यक्ति को पहले से किसी तरह का कोई कान का इन्फेक्शन हो, जैसे ओटिटिस मीडिया या बाहरी कान में संक्रमण।

Causes Of Feeling Hearing Loss In Winter In Hindi

Causes Of Feeling Hearing Loss In Winter In Hindi

सर्दी में क्यों महसूस होता है बहरापन - Causes Of Feeling Hearing Loss In Winter In Hindi

डॉ. शुभि की मानें तो सुनने की क्षमता पर भी सर्दी या ठंडे तापमान का गहरा असर पड़ता है। ठंड में कान की नसें सख्त हो जाती हैं, जिससे कान में हवा का का संचार बाधित हो जाता है। इससे कभी-कभी कान में एक प्रकार की झनझनाहट महसूस होती है, और व्यक्ति की सुनने की क्षमता अस्थायी रूप से कम हो सकती है। इसके अलावा, सर्दी-जुकाम के कारण नाक और गले में बलगम की मात्रा बढ़ने से भी कानों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कान में भरीपन और सुनने में परेशानी महसूस हो सकती है।

सर्दी में कान दर्द से बचने के उपाय - How To Prevent Ear Pain In Winter Tips In Hindi

डॉ. शुभि त्यागी की मानें तो अगर आपको सर्दियों में कान दर्द परेशान करता है और सुनने की क्षमता भी प्रभावित होती है, तो इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए सबसे जरूरी है कानों को ठंडी हवा से बचाना।

  • कानों को गर्म रखने के लिए टोपी या कान ढकने वाले मफलर का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • सर्दी-जुकाम होने पर कान की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • किसी भी प्रकार के संक्रमण के संकेत नजर आने पर डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, अगर दर्द या सुनने में कठिनाई लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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