आज यानि कि रविवार को नए संसद भवन पर तिरंगा फहराया गया। संसद भवन में नए सत्र के पहले यह कार्यक्रम किया गया। नई संसद पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने झंडा फहराया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई मंत्री मौजूद रहे। हालांकि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस समारोह में उपस्थित नहीं हुए, उन्होंने कहा कि उन्हें निमंत्रण देर से मिला और वो कांग्रस की बैठक के लिए हैदराबाद में हैं, ऐसे में नहीं आ सकते।
नए संसद में हो सकता है सत्र
ध्वजारोहण समारोह सोमवार से शुरू होने वाले पांच दिवसीय संसद सत्र से एक दिन पहले हुआ। इस सत्र में संसदीय कार्यवाही पुराने से नये भवन में स्थानांतरित हो सकती है। लोकसभा सचिवालय के अनुसार, धनखड़ नये संसद भवन के ‘गज द्वार’ के ऊपर झंडा फहराया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघावाल और वी. मुरलीधरन के अलावा राज्यसभा और लोकसभा में विभिन्न दलों के नेता उपस्थित रहे।
खड़गे नहीं आएंगे
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह ध्वजारोहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने ‘‘काफी देर से’’ आमंत्रण मिलने पर निराशा व्यक्त की। खड़गे ने शनिवार को राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें समारोह का निमंत्रण 15 सितंबर को देर शाम को मिला। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा- "मैं यह पत्र इस निराशा के साथ लिख रहा हूं कि कल नये संसद भवन में ध्वजारोहण समारोह के लिए आपका आमंत्रण मुझे काफी देर यानी 15 सितंबर, 2023 की शाम को मिला है।"
CWC की बैठक के लिए हैदराबाद में हैं खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह 16 और 17 सितंबर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भाग लेने के लिए फिलहाल हैदराबाद में हैं और रविवार देर रात दिल्ली लौटेंगे।
खड़गे ने कहा- "कल (रविवार) सुबह होने वाले समारोह में शामिल होना मेरे लिए संभव नहीं होगा।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मई को नये संसद भवन का उद्घाटन किया था।
