Gujarat Assembly Election के लिए प्रचार चरम पर पहुंच चुका है। पिछले 27 वर्षों से लगातार गुजरात की सत्ता पर काबिज BJP ने एक बार फिर चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ ही तमाम केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार में उतर गए हैं। गुजरात की चुनावी सभाओं में हिमंता बिस्व सरमा ने Uniform Civil Code का मुद्दा उठाकर माहौल गरमा दिया है। उन्होंने देश में समान नागरिक संहिता का कानून लागू करने पर जोर दिया। गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान असम के मुख्यमंत्री ने Love Jihad के खिलाफ कानून बनाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आक्रामक तरीके से समान नागरिक संहिता पर अपनी बात रखते हुए भाजपा प्रत्याशियों को चुनाव जिताने की अपील की।
गुजरात में ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार हो रहा है आज ही प्रधानमंत्री मोदी की चार रैलियां हो रही है .अमित शाह, जेपी नड्डा. योगी आदित्यनाथ के साथ साथ बीजेपी के कद्दावर नेता चुनाव प्रचार में जुटे हैं ...दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी प्रचार कर रही है ...आज मेहसाणा की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि जातिवाद परिवारवाद ही कांग्रेस का मॉडल है।
गुजरात चुनाव में लव जिहाद, UCC मुद्दा !
हिमंता ने कहा- 'देश में UCC लाने की जरूरत'
'हिंदू एक शादी करता है दूसरे धर्म के क्यों नहीं'
'आप लोग कैसे 3-4 शादी कर सकते हैं'
गुजरात चुनाव में आफताब-श्रद्धा केस का मुद्दा
हिमंता बिस्व सरमा ने उठाया मुद्दा
लव जिहाद पर सख्त कानून लाने की मांग
श्रद्धा मर्डर केस की गूंज भी गुजरात चुनाव तक पहुंच चुकी है
दिल्ली में श्रद्धा मर्डर केस की गूंज भी गुजरात चुनाव तक पहुंच चुकी है... बीजेपी इसे लव जिहाद का मुद्दा बता रही है और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कर रही है तो तमाम विपक्षी दल आफताब के कारनामे पर चुप है। चुनाव प्रचार के बीच गुजरात चुनाव में सद्दाम हुसैन की भी एंट्री हो गई है ...हिमंता विस्वा सरमा ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर तंज कसा और राहुल गांधी की तुलना सद्दाम हुसैन से कर दी।
कई राज्यों में UCC पर कानून लाने के लिए तेजी से काम हो रहा है
बीजेपी शाषित कई राज्यों में UCC पर कानून लाने के लिए तेजी से काम हो रहा है ..हिमाचल प्रदेश चुनाव में भी बीजेपी ने UCC को अपने एजेंडे में शामिल किया था ...गुजरात और उत्तराखंड में बीजेपी ने इसके लिए समिति का गठन भी किया है..ऐसे में सवाल है क्या अब UCC पर राष्ट्रीय कानून लाने का वक्त आ गया है ...क्या 2024 के आम चुनाव से पहले बीजेपी इस पर मास्टरस्ट्रोक खेल सकती है
ऐसे में आज के सवाल हैं-
'गुजरात मॉडल' के बीच UCC का शोर क्यों ?
लव जिहाद और आफताब से कितना वोट मिलेगा?
दिल्ली से गुजरात तक ध्रुवीकरण Vs तुष्टिकरण ?
गुजरात चुनाव में 'धर्म' पर चलेगा सियासी दांव ?
