One Nation One Election: वन नेशन वन इलेक्शन बिल कैबिनेट में पास हो गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस दौरान भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हर 6 महीने में चुनाव कराने से सरकारी खजाने पर बहुत अधिक खर्च होता है। सबसे बड़ी चुनौती लोगों को बार-बार बाहर आकर मतदान करने के लिए कहना है। हर साल मतदाताओं का प्रतिशत कम होता जा रहा है। यह समय की मांग है और हर कोई इसके पक्ष में है...। इसी दौरान कंगना ने फोटो लेने वाले लोगों को हाथ उठाकर टोका कि बात करते समय फोटो मत लीजिए।
केन्द्र सरकार बिल को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज सकती है
जानकारी के अनुसार, मोदी सरकार अगले हफ्ते इस बिल को संसद में पेश कर सकती है। मोदी कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है और वो बिल पर आम सहमति बनाना चाहती है। बिल पर व्यापक चर्चा के लिए सरकार इसे संयुक्त संसदीय समिति या JPC के पास भेज सकती है। बिल का उद्देश्य 100 दिनों के भीतर शहरी निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है। बता दें, एक देश एक चुनाव पर रामनाथ कोविंद कमेटी की रिपोर्ट को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। जेपीसी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगी। सूत्रों ने कहा कि अन्य हितधारक भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। देशभर के बुद्धिजीवियों के साथ सभी राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों को भी बुलाया जा सकता है। आम लोगों की भी राय ली जायेगी। सूत्रों ने कहा कि शुरुआत में सरकार लोगों को शामिल करना चाहती है और इसे हासिल करने के तरीकों और साधनों पर बाद में चर्चा की जा सकती है।
इस दौरान लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह एक बहुत अच्छा विधेयक है। मैं हमेशा एक राष्ट्र एक चुनाव के समर्थन में रही हूं और लोजपा (रामविलास) ने इसके पक्ष में बात की है। जब भी चुनाव होते हैं, तो पूरा ध्यान चुनाव पर चला जाता है और बाकी सब- मुद्दे, विकास और प्रशासनिक मशीनरी पीछे छूट जाती है। एक राष्ट्र एक चुनाव यह सुनिश्चित करेगा कि संसाधन बर्बाद न हों और चुनाव के बाद विकास को प्राथमिकता दी जाएगी...।
