बिजनेस

भारत में इस साल 11,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट इंडिया (FIU-IND) ने 2024 में करीब 11,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। रिपोर्टिंग संस्थाओं पर नियामक कार्रवाई के माध्यम से 211 अनुपालन आदेशों में 39.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। FIU-IND एक केंद्रीय, राष्ट्रीय एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित सूचना प्राप्त करने, उसका प्रसंस्करण और विश्लेषण करने, प्रवर्तन एजेंसियों एवं विदेशी एफआईयू को प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार है।

Image

भारत में इस साल 11,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय

Photo : iStock

Business News: फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट इंडिया (FIU-IND) ने 2024 में करीब 11,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को दी गई। FIU-IND द्वारा लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों (एईए) के साथ साझा की गई जानकारी में बताया गया कि इस वर्ष 10,998 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है। साथ ही 2,763 करोड़ रुपये की आपराधिक आय की पहचान की गई तथा 983.4 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई।

रिपोर्टिंग संस्थाओं पर जुर्माना

मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय नोडल एजेंसी ने 461 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए हैं। रिपोर्टिंग संस्थाओं पर नियामक कार्रवाई के माध्यम से 211 अनुपालन आदेशों में 39.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद की फंडिंग और अन्य अपराधों में 184 लोगों को गिरफ्तार किया है। मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई जानकारी में कहा गया, "FIU-IND द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद और प्रसार की फंडिंग से संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कड़ी निगरानी ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगा है।"

क्या है FIU-IND?

FIU-IND एक केंद्रीय, राष्ट्रीय एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित सूचना प्राप्त करने, उसका प्रसंस्करण और विश्लेषण करने, प्रवर्तन एजेंसियों एवं विदेशी एफआईयू को प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार है। FIU-IND, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को आगे बढ़ाने में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खुफिया की जांच और प्रवर्तन एजेंसियों के प्रयासों को मजबूत करने के लिए भी जिम्मेदार है। FIU-IND एक स्वतंत्र निकाय है जो सीधे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली इकोनॉमिक इंटेलिजेंस काउंसिल (ईआईसी) को रिपोर्ट करता है। पिछले महीने, भारत और कतर के एफआईयू ने दोनों संगठनों के बीच संबंधों को मजबूत करने और मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग के खतरे से लड़ने में एक-दूसरे की सहायता करने की प्रतिबद्धता के लिए दो दिवसीय बैठक आयोजित की थी।

pawan mishra
Pawan Mishra author

पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

और पढ़ें
End of Article