असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि देश में हिंदू जब एक शादी करते हैं, तब बाकी धर्मों के लोगों को भी एक ही विवाह रचाना पड़ेगा।
ये बातें उन्होंने मंगलवार (22 नवंबर, 2022) को गुजरात के धनसूरा में कहीं। उनके मुताबिक, "Hindu जब करते हैं एक शादी, तब बाकी धर्म वालों को भी एक ही करनी पड़ेगी- UCC का मुद्दा छेड़ बोले असम CM।"
उन्होंने आगे कहा- महिलाओं का सम्मान होना चाहिए। घर में अगर एक बेटा और एक बेटी है तो दोनों को एक समान अधिकार मिलना चाहिए। देश में समान नागरिक संहिता चाहिए और यह केवल भाजपा ला सकती है, कांग्रेस नहीं।
असम सीएम ने एक रोज पहले 21 नवंबर को पूर्वोत्तर दिल्ली में नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार के दौरान महरौली हत्याकांड का मुद्दा उठाया था और ‘‘लव जिहाद’’ के खिलाफ कड़े कानून की मांग की थी। सरमा ने इससे पहले 19 नवंबर को कहा था कि श्रद्धा की ‘लिव-इन पार्टनर’ की ओर से नृशंस हत्या ‘लव जिहाद’ का केस है। अगर भारत को मां की तरह सम्मान करने वाला शक्तिशाली नेता और सरकार नहीं मिलेगी, तो हर शहर में आफताब जैसा व्यक्ति पैदा होगा।
सरमा का ये टिप्पणियां ऐसे वक्त पर आईं, जब दिल्ली में हुए श्रद्धा वालकर हत्याकांड को लेकर सियासत गर्माई है। ऊपर से गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव और दिल्ली में एमसीडी चुनाव हैं। दरअसल, "लव जिहाद" एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग अक्सर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और दक्षिणपंथी विचारधारा वाले हिंदू नेताओं द्वारा कथित रूप से बल या छल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण का उल्लेख करने के लिए किया जाता है।
