स्मार्ट फोन समय के साथ सहूलियत देते हुए बहुत हद तक हमारी और आपकी लाइफ लाइन बनते जा रहे हैं, पर इसका खामियाजा यह होता है कि यह समय भी बहुत खा जाते हैं। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश केंद्रीय बिजली वितरण निगम लिमिटेड (सीपीडीसीएल) के सभी कर्मचारी अब ड्यूटी के बीच स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। वहां काम के दौरान फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। कहा गया है कि स्मार्टफोन के यूज की वजह से कर्मचारी समय की बर्बादी करते थे।
समझा जा सकता है कि सरकारी विभाग सीपीडीसीएल ने यह कदम दफ्तर में ‘‘व्यवधान रहित’’ माहौल बनाने के मकसद से उठाया है। यह फैसला सभी कर्मचारियों पर एक अक्टूबर, 2022 से अमल में आ जाएगा। सीपीडीसीएल की ओर से बयान में कहा गया कि कम्युनिकेशन के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट असल में शोर पैदा करने का जरिया बन गए हैं, क्योंकि ‘‘अपने काम के घंटे के दौरान कर्मचारी अपने मोबाइल फोन पर समय बर्बाद कर रहे हैं, जिससे ऑफिस के रोजमर्रा के काम में दिक्कतें आ रही हैं।’’
सीपीडीसीएल ने आगे बताया कि इसलिए सीपीडीसीएल की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जे पद्म रेड्डी ने कार्यालय में कार्य अवधि के दौरान कर्मचारियों की ओर से मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया। हालांकि, संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिबंध से छूट दी गई है।
इस बीच, समाचार एजेंसियों को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह संभवत: किसी भी सरकारी संगठन में अपनी तरह का पहला आदेश है। एक अक्टूबर से सीपीडीसीएल के सभी कार्यालयों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों, रिकॉर्ड सहायकों, टाइपिस्टों, कनिष्ठ एवं वरिष्ठ सहायकों तथा ‘आउटसोर्स’ कर्मचारियों को कार्यस्थल में प्रवेश करते समय अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे।
सीएमडी ने अपने आदेश में कहा, ‘‘किसी भी कर्मचारी को कार्य के दौरान किसी से फोन पर बात करने या संदेश भेजने की अनुमति नहीं होगी। वे सिर्फ भोजन अवकाश और चाय अवकाश के दौरान फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।’’ आपात स्थिति में कर्मचारियों को अपने उच्च अधिकारियों को मोबाइल फोन पर सूचित करना होगा।
