Allu Arjun spend Night in Jail: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रदर्शन के दौरान महिला की मौत के मामले में तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन को शुक्रवार को चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी। इससे पहले दिन में हैदराबाद की एक अदालत ने अभिनेता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। जेल सूत्रों ने बताया कि उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद अभिनेता को जेल में ही रात गुजारनी पड़ी, क्योंकि जेल अधिकारियों को शुक्रवार देर रात तक जमानत की प्रति नहीं मिली थी।
जमानत मिलने के बावजूद अभिनेता को जेल में क्यों रात गुजारनी पड़ी?
सूत्रों ने बताया कि यदि जमानत की प्रति प्राप्त भी हो जाती, तो भी उसकी जांच करनी पड़ती और शुक्रवार को रिहाई संभव नहीं थी। ऐसे में अल्लू अर्जुन शनिवार सुबह ही जेल से बाहर आ सकेंगे। इससे पहले दिन में, उच्च न्यायालय ने अभिनेता को अंतरिम जमानत देते हुए उन्हें मामले की जांच में अधिकारियों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। अल्लू अर्जुन को उनकी हाल में प्रदर्शित फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर के दौरान एक महिला की मौत के मामले में शुक्रवार को ही हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था और न्यायिक हिरासत के आदेश के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चंचलगुडा जेल भेज दिया गया था।
अल्लू अर्जुन के वकील ने की हैदराबाद जेल अधिकारियों की आलोचना
अभिनेता अल्लू अर्जुन के वकील अशोक रेड्डी ने संध्या थिएटर घटना में तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा 'पुष्पा' स्टार को दिए गए जमानत आदेश का "पालन नहीं करने" के लिए हैदराबाद जेल अधिकारियों की आलोचना की। वकील ने संवाददाताओं को यह भी बताया कि अभिनेता को आज सुबह 7 से 8 बजे के आसपास हैदराबाद जेल से रिहा किए जाने की उम्मीद है।
वकील ने कहा, "उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति में जेल अधीक्षक को स्पष्ट रूप से अल्लू अर्जुन को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया गया है और अधीक्षक ने रिहाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, लेकिन आदेश के बावजूद वे उन्हें (अल्लू अर्जुन को) रिहा नहीं कर रहे हैं।" अभिनेता की रिहाई के समय के बारे में रेड्डी ने कहा, "उन्हें आदेश की प्रति दे दी गई है और उन्हें इसका पालन करना है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। (रिहाई का समय) कल सुबह 7-8 बजे के बीच है।"
क्यों गिरफ्तार हुए थे अल्लू अर्जुन, किस धारा के तहत दर्ज हुआ मामला?
चार दिसंबर की रात अभिनेता की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक संध्या थिएटर में उमड़ पड़े थे। उसी दौरान भगदड़ मचने से 35 वर्षीय महिला रेवती की मौत हो गई थी और उनका आठ वर्षीय बेटा घायल हो गया था। हैदराबाद पुलिस ने महिला के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 और 118 (1) के तहत चिक्कड़पल्ली थाने में मामला दर्ज किया है।
अल्लू अर्जुन ने 11 दिसंबर को तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर महिला की मौत के संबंध में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था। शुक्रवार को स्थानीय अदालत द्वारा अर्जुन को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के तुरंत बाद, उच्च न्यायालय ने उन्हें चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी और मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2025 तक के लिए स्थगित कर दी।
अभिनेता अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी से राजनीतिक विवाद भी गरमाया
इस बीच, मशहूर अभिनेता की गिरफ्तारी से राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों-भाजपा और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अल्लू अर्जुन के साथ किए गए ‘‘व्यवहार’’ पर सवाल उठाया। वहीं, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और वह अपना काम करेगा।
पुलिस जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता के घर पहुंची तो वहां कुछ नाटकीय घटनाक्रम भी हुआ। एक वीडियो में अल्लू अर्जुन को एक पुलिसकर्मी से बहस करते और उनके शयनकक्ष में आने पर आपत्ति जताते हुए देखा जा सकता है। अभिनेता को यह कहते हुए सुना गया कि ‘‘यह निश्चित रूप से अच्छी बात नहीं है।’’
