Kanpur Murder News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में 14 साल के बच्चे की अपहरण के बाद हत्या करने का खौफनाक मामला सामने आया है। नाबालिग का शव शुक्रवार की सुबह को कानपुर के गंगा बैराज के पास एक तालाब में मिला है। आरोपियों ने नाबालिग के शव को ईंटों से बांध कर तालाब में फेंका था, ताकि लाश बाहर नहीं आए। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने शव को बरामद किया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी 16 साल की बेटी है। मृतक किशोर की लड़की से नजदीकी थी, इसलिए उसकी हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार कानपुर के ग्वालटोली थाना के रामपुर लोधवाखेड़ा गांव में मंगलवार की देर रात चार लड़कों को कुछ लोगों ने घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। इस दौरान तीन लड़के तो मौके से भाग निकले, लेकिन 14 वर्षीय किशोर को हमलावर उठा ले गए।
आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद किया
किशोर के परिजन और ग्रामीण रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन किशोर का कोई पता नहीं चल पाया। मामले में बुधवार दोपहर को परिजन पुलिस के पास पहुंचे और पूरा घटनाक्रम बताया। पुलिस ने अपहरण समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। परिजनों ने नामजद तहरीर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
बता दें कि रामपुर गांव के रहने वाले बबलू किसान हैं। उनका 14 साल का बेटा सौरभ मंगलवार को दोस्त कौशल, राकेश और सनी के साथ मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए उन्नाव गया था। रात करीब 12 बजे चारों गांव लौट रहे थे। इसी दौरान नत्थापुरवा के पास गांव के उदन और सोनू ने चारों को घेर लिया। आरोप है कि जब चारों ने भागने की कोशिश की तो, आरोपियों ने लोहे की रॉड फेंककर मारी, यह रॉड सौरभ को लगी। रॉड लगते ही सौरभ गिर गया। हालांकि उसके तीन दोस्त वहां से भाग निकले। उन्होंने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी। एसीपी कर्नलगंज अमरनाथ यादव ने बताया कि बबलू की तहरीर पर उदन, सोनू और अज्ञात के खिलाफ अपहरण और हमला करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। उसने बताया की किशोर से बेटी की दोस्ती उसे पसंद नहीं थी।
