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Gujarat Election: 2017 में इन चेहरों ने भाजपा के नाक में कर दिया था दम, जानें गुजरात में इस बार किसके साथ

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  • Updated Nov 4, 2022, 06:23 PM IST

Gujarat Election: 2017 के गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। कहा जाता है कि अगर पीएम मोदी पूरी ताकत नहीं लगा दिए होते तो यह स्टेट बीजेपी के हाथ से निकल जाता। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने धुंआधार प्रचार किया था, जिसका वजह से कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी।

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2017 के गुजरात चुनाव में इन चेहरों ने बीजेपी को किया था परेशान

Photo : Times Now Digital

Gujarat Election: गुजरात चुनाव के लिए कार्यक्रमों की घोषणा हो चुकी है। आप और बीजेपी लगातार कार्यक्रमों में जुटी दिख रही है, लेकिन इस बार कांग्रेस अभी तक शांत है। ये शांति क्यों है पता नहीं, पार्टी के ज्यादातर बड़े नेता इस चुनाव से अभी दूर ही दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं, जिन्होंने पिछली बार कांग्रेस की ओर से चुनाव की कमान संभाली थी। राहुल गांधी के साथ ही कुछ ऐसे चेहरे भी पिछले चुनाव में थे, जिन्होंने बीजेपी की नाक में दम कर रखा था। ये चेहरे न होते तो चुनाव में बीजेपी को उतना नुकसान नहीं होता, जितना कि हुआ था।

दरअसल गुजरात में पिछली बार एक तरफ से कांग्रेस तो दूसरी तरफ से गुजरात के कुछ युवा नेता बीजेपी को घेरे हुए थे। पाटीदार आंदोलन के कारण बीजेपी से पटेल समुदाय के लोग काफी नाराज था, जिसका असर चुनाव में भी देखने को मिला था। आइए जानते हैं उन युवा चेहरों के बारे में, जिन्होंने 2017 में बीजेपी को दी थी कड़ी चुनौती।

हार्दिक पटेल (Hardik Patel)

पिछली बार के चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी नेता की थी। पाटीदार समुदाय से संबंध रखने वाले हार्दिक पटेल पाटीदार आंदोलन से निकल कर आए थे। चुनाव के समय बीजेपी के खिलाफ जमकर बोले, कांग्रेस में शामिल तो उस समय नहीं हुए, लेकिन इसका फायदा कांग्रेस को जरूर हुआ। हार्दिक और बीजेपी के बीच छत्तीस का आंकड़ा बना रहा। इस युवा चेहरे पर कई मुकदमें हुए, लेकिन इसकी आक्रमकता कम नहीं हुई। 2017 में कांग्रेस सत्ता में वापस भले न पाई लेकिन उसने गुजरात में अपने आप को काफी मजबूत कर लिया था। 2020 में हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए। यहां उन्हें कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट भी बनाया गया। सबकुछ अच्छा चल रहा था, अचानक हार्दिक पटेल कांग्रेस के खिलाफ हो गए और जिस बीजेपी के खिलाफ उन्होंने राजनीति शुरू की थी, उसी की गोद में चले गए। हार्दिक पटेल बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। हालांकि पिछली बार की तरह इस बार उनकी आवाज सुनने को नहीं मिल रही है।

अल्पेश ठाकोर (Alpesh Thakor)

अल्पेश ठाकोर भी 2017 में खुब चमके थे। अल्पेश पिछड़े समुदाय का नेता माने जाते हैं। अल्पेश ठाकोर ने ही सबसे पहले कांग्रेस का दामन थामा था। यह 2017 के चुनाव से पहले ही कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उस दौरान ठाकोर बीजेपी के खिलाफ जमकर बोलते थे। कांग्रेस से विधायक बने, लेकिन ज्यादा दिन तक टिके नहीं और बीजेपी में शामिल हो गए। हालांकि उनका ये फैसला गलत साबित हुआ। उनकी सदस्यता गई और फिर से उनकी सीट पर चुनाव हुआ, जहां वो हार गए। आज अल्पेश ठाकोर हैं तो बीजेपी में, लेकिन हाशिये पर ही दिख रहे हैं।

जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani)

जिग्नेश मेवाणी दलित समुदाय से आते हैं और उसी समुदाय का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। गुजरात में दलित समुदाय पर इनकी काफी पकड़ है। 2017 के चुनाव में ये काफी चर्चित हुए थे, तब बीजेपी पर इन्होंने जमकर हल्ला बोला था। 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में ये निर्दलीय उतरे थे, जहां कांग्रेस और आप ने इन्हें समर्थन दिया था। चुनाव जीतने के बाद 2021 में जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। मेवाणी को यहां कांग्रेस ने कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। हालांकि अभी ये भी पिछले साल जैसे एक्टिव नहीं दिख रहे हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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