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'इच्छा हो तो राह निकल ही आती है...'; महाराष्ट्र FDA के तुकाराम मुंडे की तारीफ में बोले FSSAI CEO राजित पुन्हानी

FSSAI CEO राजित पुन्हानी ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे के काम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा- 'इच्छा हो तो राह निकल ही आती है', जानिए क्या है पूरा मामला।

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तुकाराम मुंडे (फाइल फोटो)

FSSAI के CEO राजित पुन्हानी ने कहा कि अब हर राज्य में एक डेडिकेटेड फूड सेफ्टी कमिश्नर (खाद्य सुरक्षा आयुक्त) का होना जरूरी माना जाना चाहिए। महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे, जिन्होंने पूरे राज्य में खाने-पीने की चीजों में गड़बड़ी के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई की है, पिछले कुछ हफ़्तों से चर्चा में रहे हैं। जनता जो खाती-पीती है, उसकी क्वालिटी को बेहतर बनाने की मुंडे की कोशिशों को अब FSSAI के CEO रजित पुन्हानी ने भी माना है और उनकी तारीफ की है।

पुन्हानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुंडे के कामों से साबित होता है कि 'अगर चाहत हो, तो रास्ता निकल ही आता है'। साथ ही, उन्होंने इस सोच को भी गलत बताया कि फ़ूड सेफ़्टी डिपार्टमेंट में पोस्टिंग मिलना 'सज़ा वाली पोस्टिंग' है। उन्होंने कहा कि पहले फ़ूड सेफ़्टी डिपार्टमेंट को उतनी अहमियत नहीं दी जाती थी, जितनी मिलनी चाहिए थी।

'फूड सेफ्टी में पोस्टिंग सजा नहीं है'

एक मीडिया हाउस से बात करते हुए पुन्हानी ने कहा कि फ़ूड रेगुलेटरी डिपार्टमेंट में पोस्टिंग को अक्सर 'सज़ा वाली पोस्टिंग' के तौर पर देखा जाता था। उन्होंने कहा, 'कई अफसर फूड सेफ़्टी कमिश्नर नहीं बनना चाहते थे। क्योंकि कोई ध्यान नहीं देता था। वे हेल्थ डिपार्टमेंट में रहना पसंद करते थे।'

पुन्हानी के मुताबिक, अब हर राज्य में एक डेडिकेटेड फ़ूड सेफ़्टी कमिश्नर का होना ज़रूरी माना जाना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या हर राज्य में एक अलग फूड सेफ्टी कमिश्नर होना चाहिए, तो उन्होंने कहा, 'यह अब बहुत ज़रूरी है।'

'एनफोर्समेंट ड्राइव से लोगों में जागरूकता बढ़ी'

FSSAI चीफ़ की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब मुंडे के नेतृत्व में FDA ने पूरे महाराष्ट्र में फ़ूड बिज़नेस, होटलों, रेस्टोरेंट और गोदामों के खिलाफ़ ज़बरदस्त कार्रवाई शुरू की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ़ूड रेगुलेटरी बॉडी ने मई से अब तक 3,000 से ज़्यादा स्पॉट चेक किए हैं। मुंडे ने क्रिकेट क्लबों, होटलों और मशहूर रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई की है। मुंडे की सख़्त कार्रवाई की तारीफ करते हुए पुन्हानी ने कहा कि यह एनफोर्समेंट ड्राइव बिना स्टाफ बढ़ाए ही चलाई गई।

राज्यों में फूड सेफ्टी कमिश्नरों की अहमियत के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ी है

पुन्हानी बोले, 'आप जानते हैं, उन्होंने यह काम उसी टीम के साथ किया है। ऐसा नहीं है कि और फ़ूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती किए गए हों। इसलिए, अगर इच्छाशक्ति हो, तो उन्हीं फूड सेफ्टी ऑफिसरों और उतनी ही संख्या के साथ यह काम किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि इस सख़्त कार्रवाई से फ़ूड सेफ्टी विभागों और राज्यों में फूड सेफ्टी कमिश्नरों की अहमियत के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ी है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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