Kashmiri Pandits Threats: कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को हाल ही में मिल रही धमकियों को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए कहा कि डर का माहौल बनाया जा रहा है।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ''ये कौन दे रहा है? क्या कश्मीरी पंडित यहां नहीं रहते? यहां तैनात अधिकारी, जिनमें डीआईजी, डीजी और एसपी, यहां तक कि जिलों के एसपी भी हिंदू हैं... डिप्टी कमिश्नर भी हिंदू हैं। फिर उन्हें धमकियां क्यों नहीं मिल रही हैं? सवाल यह है कि अगर धमकियां मिल रही हैं तो फिर उन्हें क्यों नहीं मिल रही? यह साजिश है।''
'डर का माहौल पैदा करने की हो रही कोशिश'
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है तो इस सवाल का जवाब मिलना चाहिए कि डीआईजी, डीजी, एसपी इत्यादि को ऐसी धमकियां क्यों नहीं मिल रही हैं। उन्होंने इस घटना को साजिश करार देते हुए कहा कि मैं ईमानदारी से कहता हूं कि यह साजिश सिर्फ इस रियासत को स्टेटहुड से बाहर रखने और डर का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
'कहां से मिल रही धमकियां'
उन्होंने आगे कहा कि सरकार और उनके प्रतिनिधि दुनियाभर में घूमकर यह दावा कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल हो गई है और आतंकवाद का खात्मा हो चुका है। ऐसे में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकियां कहां से मिल रही हैं? इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने उपराज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। मैं तो आरोप लगाता हूं कि यही लोग धमकियां दे रहे हैं।
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राज्य का दर्जा बहाल करने का मांग तेज
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जम्मू के त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे नेशनल कॉन्फ्रेंस के दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता कर रहे थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता त्रिकुटा नगर बाजार में एकत्र हुए और वे भाजपा मुख्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया।
