Moonrise Time Today, 2 September 2026: आज 2 सितंबर 2026, बुधवार को हल छठ का व्रत रखा जा रहा है। इसे हलषष्ठी, हरछठ, ललही छठ, चंदन षष्ठी और बलराम जयंती जैसे नामों से भी जाना जाता है। माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं।
कुछ क्षेत्रों में दिनभर व्रत रखने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा भी है। यही वजह है कि शाम ढलते ही व्रती महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहता है। हालांकि, चंद्रोदय का समय हर शहर में एक जैसा नहीं होता। पूर्वी भारत के शहरों में चांद पहले दिखाई देगा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में इसके लिए कुछ देर और इंतजार करना पड़ेगा।
आज 2 सितंबर 2026 को चांद कितने बजे निकलेगा
दिल्ली में आज चंद्रोदय रात 9 बजकर 41 मिनट पर होगा। नोएडा में चांद रात 9 बजकर 40 मिनट पर, मुंबई में 10 बजकर 18 मिनट और कोलकाता में 9 बजकर 7 मिनट पर निकलने की संभावना है।
शहर की भौगोलिक स्थिति के अनुसार मूनराइज टाइम में अंतर होता है। नीचे देखें आपके शहर में आज चांद कब निकलेगा।
2 सितंबर 2026 का शहरवार चंद्रोदय समय
| शहर | आज चांद निकलने का समय |
|---|---|
| नई दिल्ली | रात 9:41 बजे |
| मुंबई | रात 10:18 बजे |
| कोलकाता | रात 9:07 बजे |
| चेन्नई | रात 9:59 बजे |
| बेंगलुरु | रात 10:10 बजे |
| अहमदाबाद | रात 10:12 बजे |
| हैदराबाद | रात 9:58 बजे |
| पुणे | रात 10:15 बजे |
| जयपुर | रात 9:50 बजे |
| लखनऊ | रात 9:29 बजे |
| पटना | रात 9:14 बजे |
| चंडीगढ़ | रात 9:37 बजे |
| भोपाल | रात 9:51 बजे |
| इंदौर | रात 9:59 बजे |
| नागपुर | रात 9:48 बजे |
| सूरत | रात 10:14 बजे |
| कानपुर | रात 9:32 बजे |
| वाराणसी | रात 9:24 बजे |
| प्रयागराज | रात 9:28 बजे |
| आगरा | रात 9:40 बजे |
| नोएडा | रात 9:40 बजे |
| गाजियाबाद | रात 9:39 बजे |
| गुरुग्राम | रात 9:42 बजे |
| फरीदाबाद | रात 9:41 बजे |
| देहरादून | रात 9:33 बजे |
| हरिद्वार | रात 9:34 बजे |
| अमृतसर | रात 9:43 बजे |
| लुधियाना | रात 9:41 बजे |
| रांची | रात 9:18 बजे |
| रायपुर | रात 9:38 बजे |
| भुवनेश्वर | रात 9:22 बजे |
| गुवाहाटी | रात 8:46 बजे |
नोट: ये समय शहरों के अक्षांश और देशांतर पर आधारित खगोलीय गणना के अनुसार हैं। स्थानीय पंचांग में एक-दो मिनट का अंतर मिल सकता है। ऊंची इमारतों, पेड़ों, पहाड़ियों और बादलों के कारण चांद तय समय से कुछ देर बाद दिखाई दे सकता है।
हल छठ 2026 की षष्ठी तिथि कब तक है
पंचांग के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 2 सितंबर की सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर समाप्त हुई। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हुई, जो 3 सितंबर 2026 को सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इसी कारण हल छठ का व्रत आज 2 सितंबर को रखा जा रहा है।
हल छठ का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्म से जुड़ा है। बलराम जी का प्रमुख अस्त्र हल था। इसी कारण इस दिन खेती, हल और धरती से जुड़े प्रतीकों की पूजा का खास महत्व माना गया है।
हल छठ पर चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें
चंद्रोदय से पहले पूजा की सभी चीजें एक जगह रख लें। अर्घ्य देने के लिए तांबे, पीतल या स्टील के लोटे में साफ जल भरें। परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें दूध, सफेद फूल, चंदन या अक्षत मिलाए जा सकते हैं।
चंद्रमा दिखाई देने के बाद इस तरह पूजा करें-
- सबसे पहले हल छठ माता और भगवान बलराम का ध्यान करें।
- दोनों हाथों से जल का लोटा पकड़ें।
- चंद्रमा की ओर मुख करके धीरे-धीरे जल की धार छोड़ें।
- जल की धार के बीच से चंद्रमा के दर्शन करें।
- अपनी संतान के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और सुखी जीवन की प्रार्थना करें।
- इसके बाद हल छठ माता की आरती और व्रत कथा का पाठ करें।
- पूजा पूरी होने पर प्रसाद बच्चों और परिवार के सदस्यों में बांटें।
अर्घ्य का जल पैरों पर न गिरे, इसके लिए नीचे कोई साफ पात्र रखा जा सकता है। बाद में इस जल को किसी पौधे की जड़ में डाल दें।
बादलों के कारण चांद न दिखे तो क्या करें
सितंबर में बारिश और बादल चंद्र दर्शन का इंतजार थोड़ा लंबा कर सकते हैं। यदि आपके शहर में तय समय के बाद भी चांद दिखाई न दे तो स्थानीय चंद्रोदय समय पूरा होने की प्रतीक्षा करें। इसके बाद पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके चंद्रदेव का ध्यान करें और अर्घ्य दें।
दिल्ली में चंद्रमा आज उत्तर-पूर्व दिशा से रात 9:41 बजे उदय होगा। इसकी पुष्टि Time and Date के मूनराइज कैलेंडर से भी होती है।
क्या हल छठ पर चंद्रमा को अर्घ्य देना जरूरी है
हल छठ की पूजा-विधि हर क्षेत्र में एक जैसी नहीं है। कुछ जगहों पर इसे चंदन षष्ठी या ऊब छठ की परंपरा के रूप में मनाया जाता है। वहां चंद्रोदय के बाद अर्घ्य देकर व्रत पूरा करने की मान्यता है। कई परिवारों में हल छठ माता, भगवान बलराम, हल, सात प्रकार के अनाज और प्रतीकात्मक तालाब की पूजा ही मुख्य मानी जाती है।
