Nepal Floods Horror: नेपाल-चीन सीमा पर फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बीच फंसे महाराष्ट्र के 43 कैलाश मानसरोवर यात्री रविवार को सुरक्षित मुंबई लौट आए हैं। हालांकि, घर वापसी के बाद भी उनके जहन में उस रुह कंपा देने वाली घटना की याद ताजा है, जब उनके नाश्ता करने के कुछ ही मिनटों बाद पूरा का पूरा होटल बाढ़ की चपेट में आकर तिनके की तरह बह गया।। इन 43 यात्रियों में ठाणे के लोग भी शामिल थे। तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रुद्र टूर एंड ट्रैवल्स के जरिए गए थे। चीन में प्रवेश करने के कुछ समय बाद वे तिमुरे सीमा क्षेत्र में फंस गए थे।
नाश्ता करने के कुछ देर बाद बह गया होटल
कल्याण निवासी तीर्थयात्री प्रकाश शांताराम माने अपनी पत्नी प्रतिभा के साथ इस यात्रा पर गए थे। मुंबई लौटने के बाद उन्होंने उस खौफनाक मंजर को बयां किया। उन्होंने बताया, “जब हमें पता चला कि जिस होटल में हमने कुछ देर पहले नाश्ता किया था, वह अपने स्टाफ के साथ बाढ़ में बह गया है, तो हम पूरी तरह सुन्न हो गए। उस त्रासदी में होटल के कुछ कर्मचारियों की भी जान चली गई” उन्होंने कहा कि मुंबई पहुंचने पर उन्हें गहरी राहत महसूस हुई।
तिमुरे बॉर्डर पर रोकी गई आवाजाही
प्रकाश माने के अनुसार, चीन में प्रवेश करने के बाद यात्रियों को तिमुरे बॉर्डर इलाके में रोक दिया गया था। चीनी अधिकारियों के निर्देश पर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके चलते दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए कई तीर्थयात्रियों के साथ वे भी सागा में फंस गए थे।
महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
मुसीबत में फंसे यात्रियों ने कल्याण से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के करीबी सहयोगी अभिजीत दरेकर से संपर्क किया। एक स्थानीय अधिकारी के अनुसार, सूचना मिलते ही महाराष्ट्र सरकार के इमरजेंसी कंट्रोल रूम और ठाणे जिला कलेक्ट्रेट ने दल की लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया। ठाणे के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संदीप माने, कल्याण तहसीलदार विकास गर्दुकर और विधायक राजेश मोरे लगातार तीर्थयात्रियों के संपर्क में रहे और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं।
29 अगस्त को काठमांडू पहुंचे यात्री
43 तीर्थयात्री नेपाली टूर के 9 सदस्यों के साथ आखिरकार 29 अगस्त को काठमांडू पहुंचे। इसके बाद रविवार दोपहर उन्होंने नेपाल एयरलाइंस की फ्लाइट से मुंबई के लिए उड़ान भरी और सुरक्षित घर लौट आए। यात्रियों के लिए यह वापसी राहत भरी रही, लेकिन होटल की घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।
