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'सिद्धारमैया खेल रहे गंदी राजनीति', कर्नाटक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से पहले आया केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी का बयान

Karnataka Congress Protest in Delhi: केंद्र सरकार की कर वितरण नीतियों के खिलाफ बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में कर्नाटक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सिद्धारमैया गंदी राजनीति खेल रहे हैं, और उनकी टिप्पणियों का कोई ठोस आधार नहीं है।

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कर्नाटक के सीएम के आरोपों में कोई ठोस आधार नहीं- प्रल्हाद जोशी

Photo : ANI

Karnataka Congress Protest in Delhi: केंद्र द्वारा कर हस्तांतरण में हिस्सेदारी कम करने के कर्नाटक के मुख्यमंत्री के आरोप को निराधार बताते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सिद्धारमैया गंदी राजनीति खेल रहे हैं, और उनकी टिप्पणियों का कोई ठोस आधार नहीं है। केंद्र सरकार की कर वितरण नीतियों के खिलाफ बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में कर्नाटक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार मंगलवार रात दिल्ली पहुंचे।

आरोपों में कोई ठोस आधार नहीं-प्रल्हाद जोशी

एक्स पर एक पोस्ट में, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि "कर्नाटक के सीएम के आरोपों में कोई ठोस आधार नहीं है। वे इतने निराधार हैं कि सीएम सिद्धारमैया द्वारा 13 राज्यों का बजट पेश करने के बाद उनकी अपनी पार्टी सीएम के खोखले आरोपों पर सरासर अज्ञानता पर हंस रही होगी।" फिर भी, मैं उन्हें याद दिला दूं: राज्यों को उनके एसजीएसटी का 100 प्रतिशत प्राप्त होता है, और राज्य के भीतर एकत्र आईजीएसटी का लगभग 50 प्रतिशत प्राप्त होता है।''

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि 15वें वित्त आयोग ने किसी भी राज्य को विशेष अनुदान देने की सिफारिश नहीं की है। "इस प्रकार, सिफारिश को स्वीकार नहीं करने का सवाल ही नहीं उठता। वित्त वर्ष 2020-21 के बाद से, कर्नाटक को पूंजीगत व्यय योजनाओं में सहायता के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 6279.94 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

राज्य में गंदी राजनीति खेल रहे सिद्धारमैया-प्रल्हाद जोशी

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि "मुझे विश्वास है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री यह सब समझते हैं लेकिन वह अभी भी राज्य में गंदी राजनीति खेल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी को राज्य के किसानों और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए, लेकिन चूंकि उन्होंने राज्य चुनावों में अस्थिर वादे किए हैं, इसलिए उन्होंने अब वे केंद्र सरकार पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।" यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री की हरकतें जनता को मूर्ख नहीं बनाएंगी, केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''जनता जानती है कि जुलाई 23 में उपमुख्यमंत्री ने स्वीकार किया था कि ''इस साल, (वे) विकास नहीं कर सकते।''

मुख्यमंत्री के अपने आर्थिक सलाहकार ने कहा, "पांच गारंटी (उनकी) सरकार के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन गई हैं।" इसलिए, ये आरोप कुछ और नहीं बल्कि कर्नाटक सरकार द्वारा शासन की अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का एक और असफल प्रयास है। बता दें, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र पर कर्नाटक का आर्थिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और लोगों से बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।

अपने अधिकारों के लिए करें विरोध- सिद्धारमैया

वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट किया, "आइए हम केंद्र सरकार द्वारा कर्नाटक के आर्थिक उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं। आइए कल दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में सत्याग्रह में भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए विरोध करें।" डीके शिवकुमार ने कहा कि नियोजित विरोध भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नहीं है और सभी विधायकों को पार्टी लाइनों को भूलकर भाग लेना चाहिए।

इससे पहले सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि देश भर में आम धारणा है कि गैर-भाजपा राज्यों को उनके वैध बकाये से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ताजा उदाहरण कांग्रेस शासित कर्नाटक है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज करते हुए आरोपों को राजनीतिक रूप से विकृत कथा करार दिया, जिसे कुछ निहित स्वार्थी समूहों द्वारा प्रचारित किया जा रहा है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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